बंजी जंपिंग पर लागू होंगे नए सुरक्षा नियम, अब इन लोगों को सर्टिफिकेट अनिवार्य

Bungee jumping: उत्तराखंड के देवप्रयाग, तपोवन और ऋषिकेश एडवेंचर स्पोर्ट्स, खासकर बंजी जंपिंग के गढ़ बनकर उभरे हैं लेकिन हाल ही में कुछ दुखद घटनाओं ने पर्यटकों की सुरक्षा और ऑपरेटरों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं. इसने शासन ने सुरक्षा के मानक पर नई नियमावली लागू करने की तैयारी कर ली है. उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड ने बंजी जंपिंग के संबंध में नई गाइडलाइंस और नियमावली तैयार करने का काम शुरू कर दिया है.

क्या है बंजी जंपिंग

बंजी जंपिंग एक रोमांचक मनोरंजक गतिविधि है जिसमें प्रतिभागी अपने पैरों में बंधी लोचदार रस्सी की सहायता से किसी ऊँची संरचना से सिर के बल कूदते हैं. यह ऊँची संरचना कोई चोंटी, इमारत, क्रेन, पुल या यहाँ तक कि हेलीकॉप्टर भी हो सकती है.

एडवेंचर गेम्स में एक पहले ‘लायबिलिटी वेव’ क्लॉज पर हस्ताक्षर कराए जाते हैं. कॉन्ट्रेक्ट होता है कि अगर आप इस दौरान मर गए तो स्पोर्ट्स एडवेंचर कंपनी की कोई जिम्मेदारी नहीं होगी, आपने स्वेच्छा से इसे चुना है. मतलब ऐसी कंपनियां, मुआवजे से बच जाती हैं. 

नई गाइडलाइंस में शामिल मुख्य बिंदु
  • आयु सीमा: 50 वर्ष से अधिक आयु वाले पर्यटकों को पंजीकृत डॉक्टर का फिटनेस प्रमाण पत्र देना होगा.
  • मेडिकल हिस्ट्री की जांच: हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर, मिर्गी, या हालिया सर्जरी जैसी बीमारियों से पीड़ित लोगों को जंपिंग से बचने की सलाह दी जाती है. [1]
  • स्टैंडर्ड संचालन प्रक्रिया (SOP): सुरक्षा मानकों के अनुसार साइटों का निरीक्षण और निगरानी की जा रही है. ऑपरेटरों के लिए AS/NZS 5848:2000 या ASTM F3785 जैसे अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन करना आवश्यक है.

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