UP News: उत्तर प्रदेश में अब ग्रामीण इलाकों के बच्चों को शहर के कॉन्वेंट स्कूलों की तरह शिक्षा और सुविधाएं उनके अपने क्षेत्र में ही मिलेंगी. प्री-प्राइमरी से लेकर कक्षा 12वीं तक की पूरी पढ़ाई एक ही विद्यालय में कर सकेंगे. सरकार के इस खास प्रोजेक्ट के तहत 25 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक ‘मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय’ का निर्माण किया जा रहा है.
मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय में पारंपरिक ब्लैकबोर्ड की जगह डिजिटल और स्मार्ट बोर्ड के जरिए पढ़ाई होगी. आधुनिक फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी और कंप्यूटर लैब्स भी होंगी. सुविधायुक्त खेल का मैदान भी विकसित किया जाएगा. नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रावधानों के अनुरूप पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ छात्रों को कंप्यूटर एप्लीकेशंस, कोडिंग और वोकेशनल कोर्सेज की ट्रेनिंग भी दी जाएगी ताकि वे भविष्य के लिए तैयार हो सकें.
25 करोड़ 33 लाख 44 हजार रुपये की इस परियोजना में पहली किश्त के रूप में बेसिक शिक्षा विभाग ने 8 करोड़ 83 लाख 20 हजार रुपये अवमुक्त कर दिए हैं. इसमें मुख्य भवन, मिड डे मील भवन, बाल वाटिका भवन, मल्टीपर्पज हाल, स्टाफ आवास, प्रिंसिपल आवास, डॉरमेट्री, गार्ड रूम, बाउंड्रीवाल के निर्माण साथ ही फायर सेफ्टी और विभिन्न सिविल-इलेक्ट्रिकल कार्य कराए जाएंगे.
बता दें कि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को प्राथमिक शिक्षा पूरी करने के बाद आगे की पढ़ाई के लिए शहरों में भटकना पड़ता था या दूर दराज के शहरों का रुख करना पड़ता था. लेकिन अब मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय के माध्यम से प्री-प्राइमरी से लेकर कक्षा बारहवीं तक की पूरी पढ़ाई एक ही सुरक्षित और सुविधापूर्ण कैंपस के भीतर संचालित की जाएगी.
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