Delhi: दिल्ली सरकार ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक बेहद बड़ा और कड़ा कदम उठाया है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश पर राजधानी के 108 सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल भवनों को असुरक्षित और खतरनाक श्रेणी में चिन्हित किया गया है. इनमें से 54 इमारतों को बेहद जर्जर हालत में पाया गया, जिनके ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है.
PWD को मिली जिम्मेदारी, होगी डिजिटल प्रोफाइलिंग
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सभी पुराने स्कूल भवनों का स्ट्रक्चरल ऑडिट कराने के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग (PWD) को मौजूदा भवनों की सुरक्षा जांच और लागत का आकलन करने की जिम्मेदारी सौंपी गई. 14 अन्य स्कूल भवनों के लिए भी स्ट्रक्चरल ऑडिट के प्रस्ताव भेजे गए हैं. शिक्षा विभाग सभी स्कूल भवनों की डिजिटल प्रोफाइलिंग करेगा, जिसमें संरचनात्मक मजबूती, अग्नि सुरक्षा और अन्य सुरक्षा मानकों का आकलन होगा.
जर्जर स्कूल बनेंगे भूंकपरोधी
सरकार जर्जर हो चुकी पुरानी इमारतों को गिराकर उनकी जगह आधुनिक और भूकंपरोधी G+4 (चार मंजिला) स्कूल भवन बनाएगी. इसके साथ ही, दिल्ली सरकार के पास जो 27 खाली सरकारी भूखंड पड़े हैं, उन पर भी नए और स्थायी स्कूल बनाने की योजना शुरू कर दी गई है. सरकार का कहना है कि पूरी प्रक्रिया के दौरान छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए चरणबद्ध तरीके से काम किया जाएगा.
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