Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा कि शिवमहापुराण की कथा हमेशा सुनना चाहिए। समस्त कल्मष को धोने वाली है। शिवमहापुराण की कथा भक्ति को प्रदान करने वाली है। भगवान शिव भोला भंडारी हैं इसलिए प्रभु को शिव भोला भंडारी कहते हैं। उनके भंडार में सब कुछ है और बड़ी उदारता पूर्वक शरण में आने वाले को सब कुछ प्रदान कर देते हैं। जिस पर भगवान शंकर रीझ जाते हैं उसके लिए कुछ भी असम्भव नहीं है। नव दिवस तक शिवमहापुराण की कथा श्रद्धा पूर्वक सुनने से भक्ति,शक्ति,सुख-शान्ति के साथ-साथ साधक की समस्त मनोकामना पूरी होती है। श्रावण मास में श्रीशिवमहापुराण की कथा सुनने का बहुत अधिक फल है, साक्षात् शारद, शेष भी उसकी महिमा गाने में सक्षम नहीं है।
हम समस्त जीवों का मंगल करने के लिए शिवमहापुराण भगवान् शंकर ने गया है। यह समस्त पुराणों का तिलक है। जिसे शिव की भक्ति और प्रसन्नता चाहिए वे शिवमहापुराण अवश्य सुनें। शिवमहापुराण सुनने से भक्ति, ज्ञान, वैराग्य की प्राप्ति होती है। शिवमहापुराण सुनने, गाने से अन्त में शिव की प्राप्ति अवश्य होती है। श्रीशिवमहापुराण सुनने से ज्ञाताज्ञात पाप नष्ट हो जाते हैं। जो व्यक्ति शिवमहापुराण सुनता है वह संसार के सभी सुख भोगने के अन्त में परमधाम को प्राप्त करता है धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष भगवान शंकर की उपासना से समस्त शुभ की प्राप्ति होती है और समस्त अशुभ से छुटकारा प्राप्त हो जाता है।
शिवमहापुराण के माहात्म्य में देवराज ब्राह्मण की कथा है। जिसे केवल शिवमहापुराण सुनने से भगवद् धाम की प्राप्ति हुई और दूसरी कथा विन्दु और चंचुल की है, इनका उद्धार भी श्रीशिवमहापुराण की कथा सुनने से हुआ। कल की कथा में सत्संग की महिमा, भगवान शंकर की दो रूपों में पूजा- निराकार और साकार और प्रगटेश्वर महादेव की कथा का वर्णन किया जायेगा।
सभी हरि भक्तों को पुष्कर आश्रम एवं गोवर्धनधाम आश्रम से साधु संतों की शुभ मंगल कामना, श्री दिव्य घनश्याम धाम, श्री गोवर्धन धाम कॉलोनी, बड़ी परिक्रमा मार्ग, दानघाटी, गोवर्धन, जिला-मथुरा, (उत्तर-प्रदेश) दिव्य मोरारी बापू धाम सेवा ट्रस्ट, गनाहेड़ा, पुष्कर जिला-अजमेर (राजस्थान).