Sky Colour: दिन में पृथ्वी से आसमान नीला दिखता है, लेकिन वही आसमान चांद से या अंतरिक्ष से काला क्यों दिख जाता है? क्या चांद का आसमान सच में काला है? इसका जवाब हमारी आंखों में नहीं, बल्कि हमारी पृथ्वी के चारों ओर मौजूद हवा में छिपा है।
पृथ्वी पर आसमान नीला क्यों है?
इसका कारण है Rayleigh Scattering।सूरज की रोशनी सफेद दिखती है, लेकिन इसमें 7 रंग होते हैं। जब ये रोशनी पृथ्वी के वायुमंडल में आती है, तो हवा में मौजूद नाइट्रोजन, ऑक्सीजन के छोटे-छोटे कण और धूल के कण नीले रंग की रोशनी को सबसे ज्यादा बिखेर देते हैं। नीले रंग की वेवलेंथ सबसे छोटी होती है, इसलिए वो सबसे ज्यादा बिखरती है।ये बिखरी हुई नीली रोशनी चारों तरफ फैल जाती है और जब हमारी आंखों तक पहुंचती है तो हमें पूरा आसमान नीला दिखाई देता है।
फिर चांद से आसमान काला क्यों दिखता है?
चांद पर वायुमंडल ही नहीं है। वहां हवा, धूल, गैस जैसा कुछ भी नहीं जो सूरज की रोशनी को बिखेर सके।इसलिए जब आप चांद पर खड़े होकर ऊपर देखते हैं, तो सूरज की रोशनी सीधी आती है और बिना बिखरे निकल जाती है। रोशनी को बिखेरने वाला कोई माध्यम नहीं, इसलिए बैकग्राउंड पूरी तरह से काला रहता है।यही वजह है कि नासा के अंतरिक्ष यात्री जब चांद पर गए थे, तो उन्होंने दिन में भी आसमान में तारे और काला आसमान देखा था। वहां दिन में भी अंधेरा जैसा ही लगता है।
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