Ghazipur: विकास खण्ड बाराचंवर के ग्राम हटवार मुरारसिंह में जयगुरुदेव सत्संग समारोह आयोजित हुआ. मौका था जनपद गाजीपुर में चल रही 83 दिवसीय आध्यात्मिक वैचारिक जनजागरण यात्रा के तीसवें पड़ाव का. आज यहां अपने सत्संग सम्बोधन में सन्त पंकज जी ने ‘‘यह तन तुमने दुर्लभ पाया. कोटि जन्म भटका जब खाया. अब याको बिरथा मत खोओ. चेतो छिन्न-छिन्न भक्ति कमाओ..’’ पंक्तियों को उद्धृत करते हुए कहा भाईयों-बहनों! करोड़ो जन्मों भटकने के बाद आप को यह मानव शरीर प्राप्त हुआ है. अब इसको बर्बाद मत करो. प्रतिक्षण भगवान की भक्ति करें. इसी मानव शरीर में भगवान की प्राप्ति का दरवाजा है जिसका भेद सन्त महात्मा जानते हैं.
दुनिया के लोग संसार की विद्या पढ़ कर अपने को बहुत बड़ा ज्ञानी मानने लगते हैं. उन्हें यह नहीं मालूम कि आध्यात्मिक ज्ञान भौतिक ज्ञान की चोटी से प्रारम्भ होता है. आत्मा प्रभु के देश से आने वाली आकाशवाणी, अनहदवाणी, कलमा पर उतार कर लाई गई. अब उसका सम्बन्ध शब्द से टूट गया. जब कोई प्रभु की प्राप्ति करने वाले संत महात्मा आपको मिलेंगे और आप उनके बताये हुए रास्ते पर चल कर साधना करेंगे तो आपकी आत्मा को शब्द से जोड़ देंगे. उन्होंने कहा कि ‘‘पोथी पढ़ि-पढ़ि जग मुआ, पंडित भया न कोय. ढाई अक्षर प्रेम का पढ़ै सो पंडित होय.’’लोग कहते हैं प्रेम में ढाई अक्षर हैं प्रेम में तो मात्रा लगी है. ढाई अक्षर तो श आधा ब् और द ‘शब्द’ है यही शब्द जीवात्मा के मानव शरीर में आने-जाने का आधार है.
महाराज जी ने कहा संत सत्गुरु से बड़ा कोई नहीं वही जीवों को भवसागर से पार ले जाते हैं. आपको समय के परिवर्तन की आवाज सुनाई जा रही है. संत महात्माओं की बात आप मान लेंगे तो आप बच जायेंगे. अन्यथा खाईं और खन्दक में जा गिरेंगे. माताओं! ये बच्चे आप की धरोहर हैं. इनको अच्छी शिक्षा देना, अच्छे संस्कार देना आप की जिम्मेदारी है. इस समय बच्चों में संस्कारों की कमी देखी जा रही है. पहले माता-पिता चार-चार बच्चों को पाल लेते थे. आज वही डिग्री डिप्लोमा प्राप्त करने वाले बच्चे अपने माता-पिता को ही छोड़ दिये और अपने भाई से कहते हैं कि दस-पन्द्रह दिन माता-पिता जी हमारे पास रहेंगे, इसके बाद तुम ले जाना. वर्तमान में मांसाहार और शराब का जो प्रचलन बढ़ गया है. उससे समाज में हिंसा, अपराध बढ़ता जा रहा है. समाज के शुभचिंतकों, समाज सेवियों, बुद्धिजीवियों धार्मिक लोगों से अपील है स्वयं शाकाहारी-सदाचारी, मद्यपान रहित होकर लोगों को भी ऐसा ही बनायें. शांति व्यवस्था में पुलिस प्रशासन का सहयोग रहा.
इस अवसर पर प्रभाचन्द मास्टर, मनबोध यादव, बिरजू यादव, सुदर्शन यादव, सुरेश गुप्ता, सहयोगी संगत गोरखपुर के जयराम यादव, रामदवन, शंखधारी, विक्रमादित्य, बैजनाथ, कैलाश मौर्य, बलराम पटेल, लल्लन यादव आदि मौजूद रहे. कार्यक्रम के बाद जनजागरण यात्रा अगले पड़ाव बहरार (बरिहार) ब्लाक कासिमाबाद के लिये प्रस्थान कर गई.