साइबर ठगी का शिकार हो गए? घबराएं नहीं! ऐसे करें तुरंत रिपोर्ट और बचाएं अपना पैसा

tech news: आज के डिजिटल दौर में ऑनलाइन फ्रॉड तेजी से बढ़ रहे हैं. ऑनलाइन पेमेंट, सोशल मीडिया और डिजिटल कम्युनिकेशन के बढ़ते इस्तेमाल के साथ ठग नए-नए तरीके अपना रहे हैं. हाल के समय में फर्जी जॉब ऑफर, नकली यूट्यूब प्रमोशन और स्कैम कॉल्स के जरिए लोगों को बड़ा नुकसान हो रहा है. ऐसे मामलों में सिर्फ पैसे ही नहीं, बल्कि मानसिक तनाव भी झेलना पड़ता है. इसलिए समय रहते शिकायत करना बेहद जरूरी है.
अपना पैसा सुरक्षित करने और रिपोर्ट करने के लिए इन चरणों का पालन करें:

हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत कॉल करें

ठगी का पता चलते ही सबसे पहले राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें। यह सेवा 24×7 उपलब्ध है। जब आप इस नंबर पर कॉल करते हैं, तो पुलिस ऑपरेटर आपकी शिकायत को सीधे बैंकों के साथ साझा करता है, जिससे धोखेबाज के खाते में पैसे को तुरंत ‘होल्ड’ (फ्रीज) किया जा सके।

ऑनलाइन पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें

कॉल करने के बाद, आपको प्राप्त 14 अंकों के एक्नॉलेजमेंट नंबर का उपयोग करके राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर पूरी जानकारी दर्ज करनी चाहिए।
वित्तीय धोखाधड़ी (Financial Fraud) श्रेणी का चयन करें।
लेन-देन का विवरण (Transaction ID), बैंक का नाम और संदिग्ध का मोबाइल नंबर साझा करें।

अपने बैंक को सूचित करें

हेल्पलाइन के अलावा, अपने बैंक के कस्टमर केयर को भी तुरंत सूचित करें। आप बैंक ऑफ इंडिया जैसी आधिकारिक बैंक वेबसाइटों पर दिए गए फ्रॉड रिपोर्टिंग नंबरों का उपयोग कर सकते हैं। बैंक से लेन-देन को रोकने और अपना डेबिट/क्रेडिट कार्ड ब्लॉक करने का अनुरोध करें।

आवश्यक दस्तावेज तैयार रखें

रिपोर्ट दर्ज करते समय निम्नलिखित जानकारी पास रखें:
लेन-देन का प्रमाण: बैंक स्टेटमेंट या पैसे कटने के SMS का स्क्रीनशॉट।
धोखेबाज का विवरण: उसका फोन नंबर, फर्जी ईमेल आईडी या सोशल मीडिया लिंक।
ट्रांजैक्शन आईडी/UTR नंबर: यह सबसे महत्वपूर्ण है ताकि पैसे के बहाव को ट्रैक किया जा सके।

पैसा वापस पाने की प्रक्रिया (Recovery Process)

यदि पैसा धोखेबाज के खाते में फ्रीज हो जाता है, तो आप कोर्ट के आदेश या Section 457 CrPC (या नए कानून के तहत संबंधित धारा) के माध्यम से उस राशि को अपने खाते में वापस पाने के लिए स्थानीय अदालत में आवेदन कर सकते हैं। कई राज्यों में अब PIB द्वारा जारी नई SOP के अनुसार पुलिस प्रक्रिया को और भी सरल बना दिया गया है। 

साइबर ठगी से बचने के उपाय

सावधानी हटी दुर्घटना घटी वाली बात आपने सुनी होगी। वही बात इस मामले में भी लागू होती है। यही बात साइबर सुरक्षा पर भी लागू होता है।



मोबाइल पर आने वाले OTP, PIN या पासवर्ड शेयर करने से बचें
अनजान लिंक पर क्लिक न करें
केवल आधिकारिक ऐप और वेबसाइट का इस्तेमाल करें
कॉल पर बैंक डिटेल्स देने से बचें

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