Amarnath Yatra 2026: इस वर्ष आयोजित होने वाले श्री अमरनाथ यात्रा को स्वच्छ, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। श्री बाबा अमरनाथ श्राइन बोर्ड और प्रशासन ने यात्रा मार्ग पर स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बालटाल और पहलगाम आधार शिविरों से पवित्र गुफा तक पॉलीथिन बैग, थर्माकोल व सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल पर पूरी तरह से रोक लगा दी है।
श्रद्धालुओं को मिलेगे कपड़े के थैले
अगर कोई श्रद्धालु पालीथीन बैग लेकर पहुंचता भी है तो उसे आधार शिविर से आगे ले जाने की अनुमति नहीं होगी। इन श्रद्धालुओं को कपड़े का थैला नि:शुल्क उपलब्ध कराया जाएगा।
दोनों आधार शिविरों में डेढ़ लाख कपड़े के थैले तैयार किए गए हैं। साथ ही भंडारा संगठनों व यात्रा मार्ग पर दुकानदारों को भी स्टील की प्लेट व गिलास का ही प्रयोग करना होगा।
प्रदूषण मुक्त बनाने पर जोर
जानकारी के अनुसार प्लास्टिक गिलास के उपयोग पर भारी जुर्माने का प्रविधान किया गया है। जहां र्सिफ एक ही लक्ष्य है. बाबा अमरनाथ यात्रा को पूरी तरह स्वच्छ व प्रदूषण मुक्त बनाया जाए। कचरा प्रबंधन की भी व्यवस्था कर ली गई है। श्री बाबा अमरनाथ श्राइन बोर्ड ने कचरा प्रबंधन की जिम्मेदारी इंदौर के गैर सरकारी संगठन स्वाहा रिसोर्स मैनेजमेंट को सौंपी है।
जम्मू-कश्मीर ग्रामीण स्वच्छता विभाग इसकी निगरानी करेगा। यात्रा मार्ग पर स्वच्छता बनाए रखने के लिए चार हजार कर्मचारी तैनात किए गए हैं, जबकि 623 कर्मचारी कचरा प्रबंधन देखेंगे।
वर्ष 2025 में यात्रा मार्ग पर करीब 450 टन कचरा एकत्र हुआ था। इस बार 15 प्रतिशत कम कचरा करने का लक्ष्य है। यात्रा मार्गों पर करीब पांच हजार शौचालय व स्नानघर भी स्थापित किए गए हैं।