Ghazipur: यह मानव तन अनमोल मिला, जो चाहे इससे कमा बाबा। कुछ दिन कमा, कुछ दुनिया कमा, कुछ हरि के लिए लगा बाबा।। गुरु ही भवसागर से पार लगायेंगे। बाबा जयगुरुदेव जी का एक निशाना, अच्छा और नया समाज बनाना। ये उद्गार हैं जयगुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था, मथुरा के राष्ट्रीय अध्यक्ष संत पंकज जी महाराज के, जो आज बेलहरी (मन्टू का पुरा) में आयोजित सत्संग समारोह में सत्संग कार्यक्रम में प्रवचन में कहा। ब्रह्मा अलग हैं, ब्रह्म अलग हैं और पारब्रह्म अलग हैं। इनके बारे में तथा ऊपरी लोकों की रचना का वर्णन पूरे विस्तार से किया। इसी क्रम में बताया कि अन्य युगों की साधना कलयुग में सम्भव नहीं है। क्योंकि इसमें उम्र और सामर्थ्य बहुत कम हो गई है।
सबसे पहले प्रकट संत कबीरदास ने सुरत शब्द, नाम योग साधना का मार्ग बताया जिसे रैदास , गुरु नानक सहित तमाम सन्तों ने आगे बढ़ाया। हमारे गुरु महाराज परम सन्त बाबा जयगुरुदेव जी महाराज ने जीवों के कल्याण के लिये इसे बहुत ही सुगम बना कर 116 वर्ष की उम्र तक अथक परिश्रम करके बीस करोड़ लोगों के हाथ में माला पकड़ाया। मां के गर्भ में आपने प्रभु से प्रार्थना किया था कि हमें मानव शरीर दे दो, हम भजन करेंगे, भक्ति करेंगे लेकिन मानव शरीर मिलने के बाद न भजन किया, न भक्ति किया। इस माया की छाया में फंस कर, इस मिथ्या जगत को अपना मानकर इसी में फंस गया। यह कुटुम्ब परिवार वाले कोई भी आपकी जीवात्मा का कल्याण नहीं कर सकते। इस अधोगति से आपको गुरु के सिवा कोई नहीं बचा सकता। हम कौन हैं, कहां से आये हैं और कहां जायेंगे। इसका ज्ञान तब तक नहीं मिलेगा जब तक कोई सन्त महात्मा न मिल जाय।
महाराज जी ने हाथ में माला लेकर सुमिरन, ध्यान व भजन कैसे करेंगे विस्तार से समझाया। इसे एक दिन का भी नागा किये बिना करने की हिदायत दिये। एक दिन का नागा एक माह पीछे कर देगा। नियमित साधना-भजन करने से सभी देवी-देवता तथा ऊपरी लोकों की रचना दिखाई देने लगेंगे। उनको आप ऐसे देख सुन सकते हो जैसे हम एक-दूसरे को देख सुन रहे हैं।
संत पंकज जी महाराज ने कहा कि शाकाहारी रहो, मांस मछली अण्डा का सेवन न करें। शराब जैसे नशा का सेवन न करें तथा सदाचारी जीवन बितायें। घर परिवार छोड़ने की आवश्यकता नहीं है। गृहस्थ आश्रम सर्वोत्तम है। घर परिवार में रह कर परिवार की जिम्मेदारी निभाओ, जो कार्य कर रहे हो उसे ईमानदारी से करो किसी को धोखा मत दो। 24 घण्टे में घण्टा, दो घण्टा समय, साधन भजन में लगाकर अपनी जीवात्मा का कल्याण कर लें।
आगामी 3 से 5 मार्च तक जयगुरुदेव आश्रम मथुरा में आयोजित होने वाले होली सत्संग कार्यक्रम में आने के लिये सभी को आमंत्रित किया। सभी प्रेमियों को सत्संग में आने के लिये साधुवाद कहते हुये उज्जवल भविष्य की मंगल कामना किया। शांति व्यवस्था में पुलिस प्रशासन का सहयोग रहा।
इस अवसर पर शिवनारायण चौहान, लाल जी यादव, दुर्गेश यादव, संतोष यादव, रामराज पाल, अमरदेव यादव, दिनेष यादव, डा. अनिल यादव, मोती यादव, मनीष यादव, जयवीर यादव, राम चरन यादव, सभाजीत पाल, रामपाल यादव, डा. शरद यादव, सहयोगी संगत जौनपुर के ऋषिदेव श्रीवास्तव, रामसागर यादव आदि, सहयोगियों सहित मौजूद रहे। कार्यक्रम के बाद धर्मयात्रा अगले पड़ाव भुजहुंआ हाकी खेल मैदान थाना खानपुर के लिये प्रस्थान कर गई। यहां कल (आज) दोप. 12 बजे से सत्संग आयोजित है।