Ghazipur: संत पंकज जी महाराज की 83 दिवसीय शाकाहार सदाचार मद्यनिषेध आध्यात्मिक जनजागरण यात्रा ने कल सायंकाल अपना 73वां पड़ाव वि.ख. जमानिया के ग्राम लहुवार में किया। आज यहां आयोजित सत्संग सभा में संत पंकज जी महाराज ने मानव तन की प्राप्ति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सन्तों, महात्माओं ने इसे नर नारायणी शरीर तथा ईसामसीह ने इसे जिन्दा भगवान का घर बताया। दोनों आंखों के मध्य भाग में आत्मा विराजमान है, इसी में प्रभु की परासृष्टि को देखने की तीसरी आंख, दिव्य नेत्र है तथा आकाशवाणी अनहदवाणी सुनने का कान है।
ऊपरी मण्डलों की महिमा रामचरित मानस के माध्यम से वर्णन करते हुए कहा ‘‘मूंदेऊ नयन त्रसित मैं भयऊ, पुनि चितिवत कौशलपुर गयऊ। मोहि बिलोकि राम मुस्काहीं।।’’ अन्तर की साधना करते समय भगवान राम प्रसन्न हो गये और अन्तर में विचित्र रचना का विस्तार देखा। इसी प्रकार आप जब बताई हुई विधि से साधना करेंगे तो आप की दिव्य दृष्टि खुल जायेगी। आप त्रिकालदर्शी हो जायेंगे। इसलिये ऐसी अनमोल शरीर पाकर अपनी आत्मा का कल्याण करा लीजिये।
सन्त जी ने कहा हिंसा, अपराध का जो रास्ता आपने अपनाया है उससे बहुत कठिनाईयों का सामना करना पड़ेगा। विश्व में घटित हो रही घटनायें परम संत बाबा जयगुरुदेव जी द्वारा सन् सत्तर के दशक में की गई भविष्यवाणियां विश्व युद्ध की ओर संकेत कर रही हैं। शाकाहार अपनायें शराब आदि नशा का त्याग करें। जब गांव-गांव के लोग शाकाहारी-सदाचारी हो जायेंगे और भजन करने लगेंगे तो निश्चित कलयुग में सतयुग आ जायेगा। अच्छे समाज के निर्माण में भागीदार बनिये। शांति व्यवस्था में पुलिस प्रशासन का सहयोग रहा।
इस अवसर पर जंगबहादुर सिंह यादव, उदय नारायण यादव, राम अवध यादव, रामाश्रय तथा सहयोगी संगत मिर्जापुर के घूरन प्रसाद अपने सहयोगियों सहित मौजूद रहे। कार्यक्रम के बाद जनजागरण यात्रा अगले पड़ाव ग्राम पुल्ली ब्लॉक जमानिया के लिए प्रस्थान कर गई। यहां कल (आज) दोप. 12 बजे से सत्संग संदेश आयोजित है।