Ghazipur: विश्वविख्यात परम सन्त बाबा जयगुरुदेव जी महाराज ने 116 वर्ष की उम्र तक आजीवन अथक परिश्रम करके करोड़ो लोगों को शाकाहारी-सदाचारी चरित्रवान एवं नशामुक्त बना कर अच्छा समाज बनाने एवं मानवता की सेवा करने के लिये समर्पित कर दिया, उनके उत्तराधिकारी संत पंकज जी महाराज उनके मिशन को जन-जन तक पहुंचाने के लिये गाजीपुर के 83 दिवसीय जनजागरण यात्रा के लिये 68वें पड़ाव पर मंगलवार की सायंकाल जमानियां ब्लाक के ग्राम बघरी पहुंचे. भारी जनसमूह ने यात्रा का जयगुरुदेव उद्घोश के साथ उल्लासपूर्वक स्वागत किया.
अपने सम्बोधन में महाराज जी ने कहा कि मांसाहार व नशा का सेवन करने वाला सीधे अधोगति में जाता है. अपने कर्मों की सजा युगों-युगों तक 84 लाख योनियों में भटकते हुये जन्म-मरण का असह्य कष्ट उठाता है. ऐसे पाप कर्मों की माफी सन्त सत्गुरु के अलावा कोई नहीं कर सकता है. बाबा जयगुरुदेव जी महाराज ने अपने गुरु की याद में मथुरा में एक विलक्षण वरदानी ‘नाम योग साधना मन्दिर’ का निर्माण कराया है जहां रूपया पैसा नहीं बल्कि बुराई चढ़़ाई जाती है. अपनी एक बुराई चढ़ाने पर एक मनोकामना की पूर्ति होती है. मन्दिर के प्रसाद का एक दाना किसी भी परेशानी में बचाव करता है. समय-समय पर सन्त महात्मा, फकीर इस धरा पर अवतरित होते हैं, लेकिन हम अज्ञानी जीवों का दुर्भाग्य है जो हम उनको पहचान नहीं पाते और उनका विरोध करते हैं. मालिक की दया और जन्म-मरण के पुण्य जुड़ने के बाद आपको यह अनमोल दुर्लभ मानव शरीर प्राप्त हुआ है. इसे व्यर्थ न गंवाओ. किसी ऐसे महात्मा की खोज कर लो जिन्होंने प्रभु को पा लिया हो. उनसे रास्ता लेकर साधन भजन करके अपने घर निकल चलो.
आगामी 3 से 5 मार्च तक जयगुरुदेव आश्रम मथुरा में आयोजित होने वाले होली सत्संग मेले में आने के लिये सभी को आमंत्रित किया. सबके सुखद भविष्य की मंगल कामना किया. शांति व्यवस्था में पुलिस प्रशासन का सहयोग रहे.
इस अवसर पर उदयनारायण, रामाश्रय यादव, राम अवध यादव, मोहन यादव, बबलू यादव, रमाकान्त तिवारी, सहयोगी संगत रायबरेली के सतीष सिंह, वंशबहादुर सिंह, संत शरण यादव, अपने सहयोगियों के साथ उपस्थित थे. कार्यक्रम के बाद जनजागरण यात्रा अगले पड़ाव ग्राम ताजपुर मांझा के लिये प्रस्थान कर गई.