New Delhi: देशभर में आपातकाल के 51 वर्ष पूरे होने पर भारतीय जनता पार्टी द्वारा आपातकाल दिवस मनाया जा रहा है. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 1975 में लगाए गए आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का काला अध्याय बताया. उन्होंने कहा कि सत्ता के अहंकार में लिए गए इस फैसले ने देश की संवैधानिक व्यवस्था, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और नागरिक अधिकारों को गहरा नुकसान पहुंचाया.
सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी संदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 25 जून 1975 भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का एक काला दिन था. उन्होंने लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले सभी लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके साहस को याद किया.
संविधान हत्या दिवस पर पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि आज के दिन हम उन सभी लोगों को श्रद्धांजलि देते हैं जिन्होंने भारत के इतिहास के सबसे काले दौर में से एक, यानी ‘आपातकाल’ के दौरान लोकतांत्रिक मूल्यों की मजबूती से रक्षा की. आपातकाल हमारे संविधान पर सीधा हमला था. इस दौरान नागरिक स्वतंत्रताएं छीन ली गईं, अभिव्यक्ति की आजादी पर रोक लगाई गई.
बता दें कि भारत सरकार ने 25 जून 1975 को लगाई गई इमरजेंसी की कड़वी याद में 25 जून को हर साल संविधान हत्या दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया है. यह वही दिन था जब देश में आपातकाल (June 25 1975 Emergency) लागू कर नागरिकों की आजादी और उनके अधिकारों को छीन लिया गया था.
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