Varanasi: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने दो दिवसीय वाराणसी दौरे के अन्तिम दिन शनिवार को काशी के कोतवाल बाबा कालभैरव और काशी विश्वनाथ मंदिर में हाजिरी लगाई. दोनों मंदिरों में विधि विधान से दर्शन पूजन कर मुख्यमंत्री ने देश-प्रदेश में लोक कल्याण और सुख शान्ति की कामना की. दर्शन पूजन के बाद मुख्य्मंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश भर में काशी से स्कूल चलो अभियान की शुरुआत की. इस दौरान उन्होंने पांच निपुण बच्चों को बैग और किताबें देकर सम्मानित किया.
स्कूल चलो अभियान की शुरुआत
मुख्य्मंत्री योगी आदित्यनाथ शिवपुर स्थित कंपोजिट विद्यालय पहुंचे. इस दौरान उन्होंने पूरे प्रदेश में स्कूल चलो अभियान की शुरुआत की है. इस दौरान उन्होंने पूरे प्रदेश में स्कूल चलो अभियान की शुरुआत की है. बताया जा रहा है कि इसकी शुरुआत के साथ ही जिले के 5 निपुण विद्यालय और 5 बच्चों को उन्होंने सम्मानित किया है. वहीं, स्कूल परिसर में विद्यार्थियों द्वारा शिक्षा से जुड़े 12 स्टॉल लगाए गए हैं, जिनका सीएम योगी ने अवलोकन भी किया. कंपोजिट विद्यालय शिवपुर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री बच्चों संग काफी खुश नजर आए. उन्होंने खुद बच्चों के कंधे पर स्कूल बैग पहनाया और किताबें दी और उनसे हालचाल पूछा.
तीन साल में बदली सूरत
CM योगी ने कहा कि आज इस बात पर प्रसन्नता की अनुभूति कर सकता हूं कि उत्तर प्रदेश के बेसिक और माध्यमिक शिक्षा पर विद्यालयों के सभी शिक्षकों ने मेहनत और परिश्रम किया. ऑपरेशन कायाकल्प को सफलता की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया.
हर बच्चे को स्कूल तक पहुंचाने का प्रयास किया. आज परिणाम यह है कि जब ऑपरेशन कायाकल्प की बात आती है, तो भारत सरकार के नीति आयोग में भी देश के अंदर शिक्षा की सबसे सक्सेस स्टोरी में उत्तर प्रदेश के कायाकल्प अभियान को दिया है.
सीएम योगी ने कहा कि कैसे 136000 से अधिक विद्यालय बुनियादी संसाधनों से युक्त हुए हैं. कैसे ऑपरेशन कायाकल्प के माध्यम से सामान्य शिक्षा के बारे में बच्चों के मन में जिज्ञासा बढ़ी है. उनको अक्षर और अंकों का ज्ञान हुआ है. इन उपलब्धियों ने उत्तर प्रदेश के बच्चों के अंदर स्कूल जाने की इच्छा को बढ़ाया है.
CM योगी ने कहा कि आज परिणाम सबके हमारे सामने है. जो विद्यालय जर्जर हो चुका था, वही विद्यालय 3 साल बाद सुंदर बन गया. वहां 250 से ज्यादा बच्चे हैं. उस विद्यालय के प्रधानाचार्य का चयन राष्ट्रपति पुरस्कार के लिए हुआ है. यही तब से अब का परिवर्तन है.
जिम्मेदारी से काम करें शिक्षक
CM योगी ने कहा कि शिक्षा केवल सर्टिफिकेट उपलब्ध कराने का या डिग्री हासिल करने का माध्यम नहीं है. यह मनुष्य को मनुष्य को बनाने के लिए उनको संस्कारित करने के लिए, राष्ट्र के भविष्य को गढ़ने का सशक्त माध्यम है. उसके योजक के रूप में ईश्वर ने जो भूमिका शिक्षकों को दी है. अगर वह अपनी जिम्मेदारी का सही निर्वाह करेंगे तो बेहतरीन परिणाम होंगे.
पहले की सरकार के एजेंडे में शिक्षा नहीं नकल
CM योगी ने कहा कि हमारे मंत्रीगण कर रहे थे पहले कि सरकार के एजेंडे में शिक्षा नहीं थी. गरीब सामान्य बच्चों के बारे में कोई चिंता नहीं थी, क्योंकि उनके लोग नकल करते थे.
उनके लिए आवश्यक था कि स्कूल में पठन-पाठन न हो. भले बच्चों के भविष्य पर विपरीत असर पड़े. उनका अपना काम चलता था. इस काम चलाओ व्यवस्था से समाज की उन्नति नहीं होती. राष्ट्र सशक्त नहीं होता. समृद्धि की नई ऊंचाइयां नहीं मिलतीं.
याद रखना सामाजिक और आर्थिक समानता लानी है, तो सामाजिक न्याय के लक्ष्य को सही मायने में साधना होगा. हमें सबको सुरक्षित करना है. आदरणीय प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से यह परिवर्तन आया है.
बच्चों का सम्मान पाएं शिक्षक
CM योगी ने कहा कि जब यह बच्चे आगे बढ़ेंगे, तब आप लोगों का जीवन यशस्वी होगा. यह आपको स्मरण करते हुए सदैव आपको सम्मान देंगे. हम लोगों को जिन शिक्षकों ने बचपन में पढ़ाया था, कभी उनसे मिलता हूं, तो आज भी उनका पैर छूता हूं. मैं यह नहीं बोलता कि मैं सन्यासी हूं, मैं नहीं स्पर्श करूंगा. मेरे गुरुजन का मैं आज भी सम्मान करता हूं. मैं यह नहीं मानता कि वह मुझे बेसिक शिक्षा पढ़ाए थे. यह मानता हूं कि उन्होंने मुझे अक्षर ज्ञान दिया है.
खुद भी आदर्श पेश करें
मुझे अच्छा लगा मैं एक दिन पढ़ रहा था कि चित्रकूट के जिलाधिकारी ने अपने बच्चों का एडमिशन आंगनबाड़ी केंद्र में कराया. आप भी तो कर सकते हैं. जहां पढ़ा रहे हैं, अपने बच्चों को वही लेकर के जाइए जब आपका बच्चा वहां पढ़ेगा तब स्वस्थ वातावरण आगे बढ़ेगा. बेसिक शिक्षा के विद्यालयों को सरकार संसाधन उपलब्ध करा रही है, तो उसको भी हमें इस अनुरूप बनाना है कि वहां भी किसी कांवेंट या पब्लिक स्कूल के साथ केंद्रीय विद्यालय की तर्ज पर पढ़ाई का माहौल बने.
बेटियों के लिए सरकार की योजना
CM ने कहा कि बेटी के लिए जन्म लेने पर मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना से हमने आच्छादित किया है. उसके नाम से पैसा जाएगा. बेटी 1 वर्ष की होगी और सभी टीका उसको लग गया तो उसके अकाउंट में पैसा जाएगा. बेटी 5 वर्ष की हुई और पहले क्लास में एडमिशन ले रही है, तब भी उसकेअकाउंट में पैसा जाएगा. बेटी ने 5वीं पास ली और 6वीं में एडमिशन लिया. तब भी पैसा मिलेगा. ऐसी 25 लाख बेटियों को उत्तर प्रदेश सरकार कन्या सुमंगला योजना के माध्यम से धनराशि उपलब्ध करा रही है.
बेसिक शिक्षा मंत्री रहे मौजूद
कंपोजिट विद्यालय में स्कूल चलो अभियान कार्यक्रम के उद्घाटन के मौके पर प्रदेश के बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह भी मौजूद रहे. दरअसल, इस अभियान के जरिए बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के प्रयास किया जा रहे हैं. इसके साथ ही बच्चों के बीच किताबें, बैग इत्यादि वितरित करने तथा जन जागरूकता फैलाने के लिए सरकार कवायद कर रही है.
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