Kala Hiran: विवादों के बीच फिल्म ‘काला हिरण- द बैटल फॉर लेगेसी’ का टीजर रिलीज कर दिया गया है, जिसमें शुरुआत से लेकर आखिर तक कोर्टरूम ड्रामा देखने को मिलता है. करीब 1 मिनट 56 सेकंड के इस टीजर में शिकार मामले, गवाहों के बयान, पुलिस जांच और अदालत में चल रही बहस को दिखाया गया है.
‘काला हिरण- द बैटल फॉर लेगेसी’ का टीजर रिलीज
टीजर की शुरुआत एक्टर गोविंद नामदेव की आवाज से होती है, जो फिल्म में बिश्नोई समाज के वकील के किरदार में नजर आ रहे हैं. कोर्ट में सुनवाई के दौरान वह एक गवाह को पेश करते हैं और उससे पूछते है- ‘उस दिन आपने क्या देखा, बिना डर के अदालत को बताइए.’ गवाह अदालत में बयान देते हुए कहता है- ‘रात के करीब 11 बज रहे थे, तभी एक के बाद एक दो गोलियों के चलने की आवाज सुनाई दी. हम समझ गए कि कोई हिरण का शिकार कर रहा है.’
टीजर में एक अन्य गवाह भी नजर आता है, जो कहता है कि ये सिर्फ हिरण पर गोली चलाने की बात नहीं थी, बल्कि उनके गुरु जम्भेश्वर के बताए सिद्धांतों पर हमला था. इस दौरान जंगल की रात, जिप्सी में शिकार के लिए जाते किरदार, गोली चलने और गांव वालों के विरोध जैसे कई सीन्स दिखाए गए हैं.
जैसे-जैसे टीजर आगे बढ़ता है, कहानी में सस्पेंस बढ़ता हुआ दिखाई देता है. कोर्ट में गोविंद नामदेव का किरदार पुलिस अधिकारियों से सवाल करता नजर आता है. वो एक पुलिस अधिकारी से पूछता है कि क्या किसी सुपरस्टार को बचाने के लिए ऊपर से दबाव बनाया गया था. इसके अलावा एक स्थानीय व्यक्ति कोर्ट में दावा करता है कि उसे धमकी दी गई थी कि अगर उसने अयान खान के खिलाफ गवाही दी तो उसके परिवार को नुकसान पहुंचाया जाएगा.
‘हिरण को बहुत करीब से गोली मारी गई थी’
टीजर में आगे दिखाया जाता है कि अयान खान पर गवाहों को डराने, ड्राइवर को गायब करने और डॉक्टरों को खरीदने जैसे आरोप लगाए जाते हैं. एक चश्मदीद गवाह कोर्ट में कहता है कि हिरण को बहुत करीब से गोली मारी गई थी. इन आरोपों से अयान खान परेशान नजर आता है और अपने वकील से मामले को संभालने के लिए कहता है.
टीजर के आखिर में काशिफ इकबाल खान का एक डायलॉग भी सुनाई देता है, जिसमें वो कहते हैं, ‘जितने रुपयों में मेरी एक फिल्म बनती है, उतने में मैं ऐसे एक हजार ड्राइवर खरीदकर उनके बयान को कोर्ट में बदल सकता हूं.’
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