Delhi: प्रधानमंत्री की अपील के बाद दिल्ली में पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ परिवहन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है. पहली बार, हाइड्रोजन गैस से चलने वाली बसों का संचालन शुरू हो गया है. इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने दिल्ली मेट्रो को अत्याधुनिक बसें सौंपी हैं. यह पहल भारत सरकार की हरित गतिशीलता और स्वच्छ ऊर्जा अपनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है. यह टिकाऊ सार्वजनिक परिवहन ढांचे के प्रति सरकार के समर्पण का प्रतीक है. यह परियोजना भविष्य में पूरे देश में हाइड्रोजन आधारित परिवहन प्रणालियों के लिए एक महत्वपूर्ण मॉडल के रूप में देखी जा रही है.
कनेक्टिविटी और मार्ग
यह सेवा कार्तव्य भवन, विज्ञान भवन, निर्माण भवन, अकबर सड़क और बड़ौदा हाउस जैसे प्रमुख स्थलों को कवर करेगी. नेशनल स्टेडियम, नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट्स और इंडिया गेट भी इस मार्ग में शामिल होंगे. किराया बहुत कम, सिर्फ 10 से 15 रुपये है. बसें सोमवार से शुक्रवार सुबह 8:30 से 12:30 और शाम 3:30 से 6:30 तक चलेंगी.
बसों से धुआं नहीं, भाप निकलती है
आपको बता दें, एक बस में 35 लोग बैठ सकते हैं. इसमें GPS और CCTV कैमरे लगे हैं, जिससे यात्रा सुरक्षित रहेगी. ये बसें ग्रीन हाइड्रोजन से चलती हैं, इसलिए इनमें से धुआं नहीं निकलता सिर्फ पानी की भाप (Water Vapour) निकलती है. यानी ये बसें प्रदूषण नहीं करतीं (Zero Pollution). सेवा की फ्रीक्वेंसी हर 30 मिनट पर एक बस होगी.
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