Delhi: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने अपने CE20 क्रायोजेनिक इंजन का फ़्लाइट एक्सेप्टेंस हॉट टेस्ट सफलतापूर्वक कर लिया है. यह LVM3 लॉन्च व्हीकल (LVM-M7) के सातवें ऑपरेशनल मिशन के लिए तय किया गया था. ISRO की ओर से मंगलवार को जारी एक बयान के मुताबिक, यह टेस्ट तमिलनाडु के महेंद्रगिरी में ISRO प्रोपल्शन कॉम्प्लेक्स में हुआ.
इसरो ने कहा, ”इंजन 19 टन से 22 टन तक के थ्रस्ट (रॉकेट या इंजन को आगे की ओर धकेलने की क्षमता) पर काम करने के लिए प्रमाणित है. यह इंजन अब तक एलवीएम-3 के लगातार आठ सफल मिशनों में शानदार प्रदर्शन कर चुका है. इनमें चंद्रयान-2, चंद्रयान-3 और तीन वाणिज्यिक मिशन भी शामिल हैं.”
अंतरिक्ष अभियानों में रॉकेट को लॉन्च करने से पहले उसके इंजन की वास्तविक उड़ान जैसी परिस्थितियों में जांच की जाती है. इस टेस्ट के जरिए यह परखा जाता है कि इंजन वास्तविक उड़ान के दौरान सही ढंग से काम करेगा या नहीं. इसरो ने बताया कि परीक्षण के दौरान इंजन की सभी प्रणालियों का प्रदर्शन पूरी तरह संतोषजनक पाया गया है.
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