Yoga tips: यकृत शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग है जो भोजन को शरीर की ऊर्जा में परिवर्तित करने का माध्यम बनता है. यह बात इस ब्लॉग को पढ़ने वाले सभी लोगों को ज्ञात होगी, लेकिन इस ब्लॉग की खास बात यकृत रोग और सरल योग विधियों द्वारा इसके उपचार के बारे में है. इससे आपको कोई परेशानी नहीं होगी, बल्कि घर के किसी भी कोने में न्यूनतम प्रयास से आपको आराम मिलेगा.
जिस बीमारी की हम बात कर रहे हैं, वह है फैटी लिवर. इस स्थिति में लिवर के अंदर और आसपास अत्यधिक वसा जमा हो जाती है, जिसे हेपेटिक स्टीटोसिस भी कहा जाता है. अब आप सोच रहे होंगे कि लिवर का काम तो शरीर में वसा जमा करना है, तो फिर वसा लिवर को कैसे नुकसान पहुंचा सकती है? इसे स्पष्ट करने के लिए एक कहावत है – किसी भी चीज की अति हानिकारक होती है.
फैटी लिवर के लिए बेस्ट योग आसन
कपालभाति प्राणायाम

सबसे असरदार योग क्रिया. पेट और लिवर की चर्बी घटाता है. मेटाबॉलिज़्म तेज करता है.
कैसे करें:
- सुबह खाली पेट 5-10 मिनट अभ्यास करें.
- अभ्यास को धीरे-धीरे बढ़ाएं.
धनुरासन

लिवर को सीधा मसाज देता है. लिवर की कार्यक्षमता बेहतर करता है. पेट की चर्बी भी कम करता है.
कैसे करें?
- पेट के बल लेटकर घुटने मोड़े
- एड़ियों को हाथों से पकड़ें.
- शरीर को धनुष का आकार दें.
भुजंगासन

शुरुआती लोगों के लिए सुरक्षित. लिवर एंज़ाइम्स बैलेंस करता है. पाचन सुधारता है.
कैसे करें
- पेट के बल लेट जाएं
- हथेलियां कंधों के नीचे रखें
- सांस लेते हुए छाती ऊपर उठाएं
- 15–20 सेकंड रुकें, फिर सामान्य स्थिति में आएं
पवनमुक्तासन

नाम ही बताता है कि ये गैस और फैट दोनों से राहत देता है. पेट हल्का रहता है. लिवर पर दबाव कम करता है.
कैसे करें?
- पीठ के बल लेटकर पैर मोड़े
- घुटनों को हाथों से पकड़कर छाती से सटाएं
- सिर उठाकर ठोड़ी घुटने से लगाएं.
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