Bihar: बिहार शिक्षा विभाग और समाज कल्याण विभाग बिहार ने मिलकर दिव्यांग बच्चों की शिक्षा को लेकर अहम फैसला लिया है. अब राज्य में निजी विद्यालयों में भी दिव्यांग बच्चों का नामांकन सुनिश्चित किया जाएगा. यह फैसला शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत लिया गया है, जिसका उद्देश्य हर बच्चे को समान शिक्षा का अधिकार देना है. सरकार का लक्ष्य है कि दिव्यांग बच्चे भी बेहतर स्कूलों में पढ़ सकें और मुख्यधारा से जुड़ सकें.
प्राथमिक शिक्षा निदेशक के नेतृत्व में समिति
अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेंदर ने प्राथमिक शिक्षा निदेशक की अध्यक्षता में एक समिति गठित करने का निर्देश दिया. यह समिति राज्य के निजी विद्यालयों में दिव्यांग बच्चों का नामांकन सुनिश्चित करने के लिए उठाए जाने वाले कदमों पर सुझाव देगी.
दिव्यांग बच्चों की शिक्षा में आने वाली चुनौतियों पर चर्चा
इसके साथ ही, उन्होंने मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार करने और निजी विद्यालय संघ के प्रतिनिधियों के साथ इस विषय पर शीघ्र बैठक करने का निर्देश दिया. इससे पहले समाज कल्याण विभाग की सचिव वंदना प्रेयषी ने दिव्यांग बच्चों को शिक्षा उपलब्ध कराने में आ रही चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की.
समाज कल्याण विभाग देगा सहयोग
उन्होंने नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 में उल्लिखित प्रावधानों के आलोक में निजी विद्यालयों में दिव्यांग छात्र-छात्राओं के दाखिले और अध्ययन को लेकर विभिन्न सुझाव दिए. उन्होंने कहा कि दिव्यांग बच्चों के लिए बेहतर शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए समाज कल्याण विभाग की ओर से यथासंभव सहयोग दिया जाएगा.
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