Amazon Forests: अमेजन जंगल 21 लाख वर्गमील या 54.39 लाख वर्ग किलोमीटर के विस्तृत क्षेत्र में फैला हुआ दुनिया का एक समृद्धतम् जंगल है,जिसमें दुनिया की सबसे ज्यादे जलसंचयन करनेवाली अपने हजारों -लाखों नालों,उपनदियों, सहायक नदियों के समृद्धशाली परिवार के साथ जिसमें लाखों आश्चर्यजनक जीवों, वनस्पतियों, सरिसृपों, स्तनपाईयों, पक्षियों, तितलियों, कीटों आदि के परिवार को परिपोषित करती हुई करोड़ों साल से सतत बहती हुई,अमेजन नदी आबाद है।

इसके विस्तृत क्षेत्रफल का अंदाजा ऐसे लगाया जा सकता है कि इसके बराबर क्षेत्रफल का कोई देश अमेजन के जंगलों में पेरू की सीमा के नजदीक वर्ष 2012 में केवल 1 किलोमीटर लम्बी एक मयानतुयाकू नामक एक ऐसी नदी की खोज की गई है, जिसका जल 80 डिग्री सेल्सियस के तापमान पर हमेशा उबलता रहता है। इस आश्चर्यजनक नदी की खोज सुप्रसिद्ध भूवैज्ञानिक आंद्रे रूजो ने किया था, इसका पानी रहस्यमय तरीके से उबलता रहता है।
इसका पानी इतना ज्यादा गर्म है कि उससे आसानी से हम चाय बना सकते हैं। इस नदी का पानी इतना गर्म है कि अगर कोई जीवधारी इसमें गिर जाय तो उसकी तुरंत मौत हो जाती है।
भूवैज्ञानिक आंद्रे रूजो ने इस नदी के उबलते पानी में कई छोटे जीवों को गिरकर मौत के मुँह में जाते हुए खुद अपनी आँखों से देखा था । भूगर्भ वैज्ञानिकों के अनुसार ऐसा संभव ही नहीं है कि किसी नदी का जल इतने अधिक तापमान पर लगातार उबलता रहे,जब तक कि उसके आसपास कोई धधकती ज्वालामुखी न हो।

वैज्ञानिक इस उबलती नदी के रहस्य को सुलझाने के लिए लगातार शोध कर रहे हैं,लेकिन अभी तक उन्हें सफलता प्राप्त नहीं हुई है । भूवैज्ञानिक आंद्रे रूजो इस रहस्यमय उबलती नदी पर एक पुस्तक ‘द बॉयलिंग रीवरः एडवेंचर एंड डिसकवरी इन अमेजन नामक पुस्तक भी लिख चुके हैं।
दुनिया के समूचे वनक्षेत्र के एक तिहाई क्षेत्रफल यानी लगभग 54.39 लाख वर्ग किलोमीटर के विस्तृत क्षेत्र में फैले इस जंगल की आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि घटनास्थल से 3200 किलोमीटर दूरस्थ ब्राजीलियन शहर साओ पाउला और उसके आसपास के 45 लाख वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में इतना काला धुँआ भर गया था कि वहाँ दिन में भी सूरज नहीं दिखाई दे पा रहा था ।

अब तक 47 हजार वर्ग किलोमीटर विस्तृत क्षेत्र के वन क्षेत्र को आग ने उसमें रहने वाले विभिन्न किस्म के कीटपतंगों,परिदों,स्तनधारी जीवों,सरिसृपों आदि सहित भस्म कर चुकी है । पर्यावरण वैज्ञानिकों के अनुसार अमेजन के जंगल प्रति वर्ष 140 अरब टन कार्बनडाई ऑक्साइड सोख कर ग्लोबल वार्मिंग से परेशान पृथ्वी को बहुत बड़ी राहत प्रदान करते हैं।
इस विस्तृत जंगल में 410 किस्म की आदिमानव प्रजातियाँ यहां पिछले 11000 वर्षों से यहाँ रह रहीं हैं। 6900 किलोमीटर क्षेत्र में बहने वाली अमेजन नदी अपने 2500 मछलियों की प्रजातियों के साथ दुनिया की 20 प्रतिशत मीठा पानी इस घाटी में समेटे हुए है।
वानस्पतिक और जैविक रूप से यह इलाका इतना समृद्ध है कि यहाँँ 1500 किस्म की चिड़ियों, 500 किस्म के स्तनधारी जीवों,550 किस्म के सरिसृपों,30 हजार किस्मों के वृक्षों का बसेरा है, जबकि पिछले 20 सालों में इस जंगल में 22 सौ किस्मों के नये पौधे वैज्ञानिकों ने ढूंढ निकाला है ।

इस लेख का सार यह है कि अमेजन के जंगलों का इतनी तेजी से विध्वंस करना मानव प्रजाति सहित इस पृथ्वी के समस्त जैवमण्डल के लिए भी अत्यंत घातक साबित होगा, इसलिए इस पृथ्वी के सभी जीवजंतुओं के सांस लेने के लिए इस पृथ्वी के बचे-खुचे जंगलों को किसी भी तरह बचाना ही होगा, नहीं तो निकट भविष्य में एक दिन ऐसा अवश्य आने वाला है, जब ऑक्सीजन के अभाव में इस धरती के सभी जीवों की सांस घुट-घुटकर धीरे-धीरे मौत आकर अपने आगोश में ले लेगी।
अमेजन के जंगलों में अगर कोई इंसान अंदर जाता है तो उसका बच पाना मुश्किल है, क्योंकि ये जंगल इतने बड़े और घने हैं कि यहां सूरज की किरणों को जमीन पर पहुंचने के लिए जद्दोजहद करनी होती है. इसके अलावा बेहद खतरनाक जानवरों का भी खतरा है.
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