World Thyroid Day 2026: दुनियाभर में थायरॉइड की बीमारी तेजी से बढ़ती जा रही है. थायरॉइड विकारों के जल्दी पहचान और उनके उचित उपचार के बारे में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से हर साल 25 मई को विश्व थायरॉइड दिवस मनाया जाता है. इसमें कुछ जरूरी हार्मोन्स का बनना बहुत कम या ज्यादा हो जाता है, जिसका पूरे शरीर के कामकाज पर असर पड़ सकता है. दुनियाभर में 4 करोड़ से ज्यादा लोग थायरॉइड की समस्या से जूझ रहे हैं. ये बीमारी शरीर के तापमान, मूड, नींद और यहां तक कि प्रजनन क्षमता तक पर असर डाल सकती है.
थायरॉइड होने की वजह
- आयोडीन की कमी भी थायरॉइड रोगों का बड़ा कारण है. भोजन में आयोडीन की कमी आपमें खतरे को बढ़ा सकती है.
- महिलाओं में गर्भावस्था, पीरियड्स और मेनोपॉज के दौरान होने वाले हार्मोनल बदलाव भी थायरॉइड का जोखिम बढ़ाते हैं.
- कभी-कभी शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता ही गलती से थायरॉइड कोशिकाओं पर हमला कर देती है. इसके मुख्य उदाहरण हाशिमोटो रोग (हाइपोथायरायडिज्म का कारण) और ग्रेव्स रोग (हाइपरथायरायडिज्म का कारण) हैं.
- आहार में जिंक, सेलेनियम और विटामिन डी जैसे आवश्यक पोषक तत्वों की कमी से भी थायरॉइड ग्रंथि प्रभावित होती है और हॉर्मोन असंतुलित हो सकते हैं.
- अत्यधिक तनाव कोर्टिसोल और एड्रेनालाईन जैसे हॉर्मोन बढ़ाता है, जो अंततः थायरॉइड हॉर्मोन उत्पादन को बाधित करते हैं.
- यदि परिवार में पहले किसी को थायरॉइड रहा हो तो आनुवंशिक कारणों के चलते दूसरे लोगों को सावधान हो जाना चाहिए.
- कुछ खास दवाओं (जैसे लिथियम) के साइड-इफेक्ट्स या गर्दन के हिस्से में कैंसर/ट्यूमर के इलाज के लिए रेडिएशन थेरेपी लेने से थायरॉइड ग्रंथि क्षतिग्रस्त हो सकती है.
थायरॉइड के लिए सलाह
- डॉक्टर की सलाह के अनुसार नियमित दवाएं लेते रहें.
- खान-पान में सुधार जरूरी है. आयोडीन, सेलेनियम, जिंक और आयरन जैसे पोषक तत्व थायरॉइड की समस्या में फायदेमंद माने जाते हैं.
- डाइट में अंडे, मछली, दही, नट्स और हरी सब्जियां जरूर शामिल करें.
- नियमित व्यायाम भी जरूरी है. इससे मेटाबॉलिज्म बेहतर होता है और वजन नियंत्रित रहता है और तनाव कम होता है.
- समय-समय पर डॉक्टर की सलाह पर थायरॉइड प्रोफाइल टेस्ट कराते रहें ताकि स्थिति का अंदाजा हो सके.
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