Ladakh: केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने अपने कार्यकाल के 100 दिन पूरे करने के बाद लेह के स्पितुक में प्रोजेक्ट हिम सरोवर के तहत निर्मित जलाशय का उद्घाटन किया।
जिसके बाद उन्हेंने स्पितुक के फार्का क्षेत्र में बनी इस परियोजना का उद्देश्य लद्दाख में गर्मियों के महीनों में जल संकट का समाधान करने के साथ ही दीर्घकालिक जल सुरक्षा सुनिश्चित किया है। बता दे कि गर्मियों के महीनों में पिघलने वाले ग्लेशियरों का पानी इस जलाशय में एकत्र होकर लोगों की जरूरतों को पूरा करने के काम आएगा। अपने कार्यकाल के सौ दिन पूरा होने के उपलक्ष्य में इस प्रोजेक्ट का उद्घाटन करते हुए उपराज्यपाल ने विश्वास दिलाया कि तेज विकास से लद्दाख के लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरने का उनका अभियान जारी रहेगा।
बंजर पड़ी भूमि पर खेती होगी संभव
लेह में 11,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित यह जलाशय केवल 60 दिनों में तैयार हुआ है। यह करीब 60 मीटर लंबा, 40 मीटर चौड़ा व 2 मीटर गहरा है, यह जलाशय लगभग 60 लाख लीटर पानी संग्रहित करने की क्षमता रखता है। इससे स्पितुक क्षेत्र के हजारों किसानों को खेती की सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध होगा। इससे क्षेत्र में वर्षों से बंजर पड़ी भूमि पर खेती संभव हो सकेगी।
उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने कहा कि उनकी 100 दिनों की यात्रा केवल शुरुआत है व प्रशासन जनता-केंद्रित शासन, जल सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण तथा सतत विकास के लिए लगातार कार्य करता रहेगा। उन्होंने बताया कि 13 मार्च 2026 को पदभार संभालने के तुरंत बाद जल संकट से निपटने के लिए मिशन मोड़ में कार्य शुरू किया गया था।
इसी सोच के तहत उन्होंने 10 अप्रैल को प्रोजेक्ट हिम सरोवर लान्च किया, जिसमें जलाशय का निर्धारित 90 दिनों के बजाय 60 दिनों में पूरा होना प्रशासन, इंजीनियरों, कर्मचारियों व स्थानीय समुदाय की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने इसे जल प्रबंधन, जलवायु अनुकूलन और जनकल्याण की दिशा में ऐतिहासिक पहल बताया।
35 हजार से अधिक पौधे लगाए
उपराज्यपाल ने बताया कि सिंधु जल समृद्धि अभियान के तहत देश का पहला हिमालयी राक चेक डैम बनाया गया है व निकट भविष्य में चार अन्य चेक डैम भी बनाए जाएंगे। इसके अलावा 43 किलोमीटर लंबे इगू-पेह नहर और 2.1 किलोमीटर लंबे माहे नहर के पुनर्जीवन से सिंचाई और कृषि उत्पादन को बढ़ावा मिला है।