Earthquake: पश्चिम बंगाल में आज यानी शुक्रवार को जोरदार भूकंप आया. पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता और आस-पास के इलाकों में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए. रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 5.5 मापी गई. इस मैग्नीट्यूड के भूकंप से लोग कांप उठे. भूकंप आने के बाद लोगों में घबराहट फैल गई और वे घरों, ऑफिसों और कमर्शियल जगहों से बाहर निकल आए.
रिपोर्ट्स में जनजीवन पर असर
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, भूकंप करीब 1 बजकर 22 मिनट पर आया. इस भूकंप ने कोलकाता के अलावा हावड़ा, हुगली, झाड़ग्राम और पश्चिम मेदिनीपुर जैसे इलाकों को हिला दिया. मेदिनीपुर शहर में जिला शासक कार्यालय के कर्मचारी भी इन झटकों के चलते बाहर निकल आए। कई इमारतों में बंद पड़े सीलिंग फैन तक हिलते नजर आए। कुछ पुराने मकानों के झुकने की भी जानकारी सामने आई है, लेकिन अब तक बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है। यहां बताना जरूरी है कि इससे पहले आज सुबह ही नेपाल में भूकंप आया था.
पिछले भूकंप की यादें ताजा
इस घटना से पहले, 3 फरवरी की रात को भी कोलकाता में भूकंप आया था, जिसका केंद्र म्यांमार में था और तीव्रता 6.0 थी। लगातार आ रहे झटकों ने लोगों में चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों को सावधान रहने की सलाह दी गई है।
भूकंप के प्रति जागरूकता जरूरी
ऐसे भूकंपों के चलते स्थानीय प्रशासन ने लोगों से कहा है कि वे अपनी सुरक्षा के लिए सावधानी बरतें। भूकंप की स्थिति में क्या करें, इसकी जानकारी सभी नागरिकों को होनी चाहिए। शहरी क्षेत्रों में इमारतों की मजबूती का भी पुनः आकलन किया जाना आवश्यक है। यह आवश्यक है कि लोगों को इस तरह की घटनाओं के लिए पहले से ही तैयार रहना चाहिए।
सुरक्षित भवनों के निर्माण पर ध्यान दें
ऐसे भूकंपों की तीव्रता और उनके प्रभाव के कारण यह जरूरी है कि भवन निर्माण में भूकंपीय मानकों का पालन किया जाए। स्थानीय अधिकारियों को इस दिशा में ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से अधिक नुकसान ना हो।
इसे भी पढ़ें:-UP PCS मेन परीक्षा 2025 का पूरा शेड्यूल जारी, 29 मार्च से शुरू होगी परीक्षा