lucknow: सीएम योगी ने प्रदेश में आंधी, बारिश से हुए नुकसान पर अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिन जनपदों में तेज आंधी, बारिश, ओलावृष्टि अथवा अन्य प्राकृतिक आपदाओं से जनहानि अथवा पशुहानि हुई है, वहां प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत राशि वितरित की जाए।
पिछले तीन दिनों से कई जिलों में आंधी, बारिश और तूफान की घटना के बाद मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन, राहत कार्यालय तथा सभी विभागों को लगातार निगरानी बनाए रखने और किसी भी आपदा की स्थिति में तत्काल कार्रवाई करने को कहा है। जिसमें सीएम योगी ने अधिकारियों को पूरी सतर्कता बरतने और राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राहत कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और प्रत्येक प्रभावित व्यक्ति तक समयबद्ध सहायता पहुंचनी चाहिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि आंधी, बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान का तत्काल सर्वे कराया जाए। जहां भी कृषि क्षति की सूचना मिले, वहां राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंचकर आकलन करे तथा शासन को रिपोर्ट उपलब्ध कराए, ताकि किसानों को नियमानुसार सहायता प्रदान की जा सके।
भारत में मुआवजे का क्या प्रावधान है?
बता दें कि भारत में प्राकृतिक आपदाओं पर मानकों के अनुसार जनहानि (मौत) होने पर पीड़ित परिवार को 4 लाख रुपए तक अनुग्रह राशि देने का प्रावधान है. वहीं, राज्य सरकार परिस्थितियों के हिसाब से राशि को बढ़ा भी सकती हैं. हालांकि, योगी सरकार ने अभी तक ये साफ नहीं किया है कि पीड़ितों को कितने तक का मुआवजा दिया जाएगा. राजस्व, कृषि विभाग और बीमा कंपनी से नुकसान का सर्वे कराकर शासन को भी अवगत कराने के लिए निर्देश दिया है, ताकि नुकसान का आंकलन पूरा कर तुंरत मुआवजा का कार्य पूरा किया जा सके.