Apj abdul kalam: भारत के पूर्व राष्ट्रपति, महान वैज्ञानिक और युवाओं के प्रेरणास्रोत डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का नाम देश के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है. हर वर्ष 27 जुलाई को उनकी पुण्यतिथि मनाई जाती है. यह दिन केवल उन्हें श्रद्धांजलि देने का अवसर नहीं, बल्कि उनके विचारों और आदर्शों को याद करने का भी दिन है. मिसाइल मैन’ डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और देश के लिए उनके योगदान को याद किया.
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने क्या कहा?
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने एक्स पर लिखा कि डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम विकसित, आत्मनिर्भर और सशक्त भारत के दूरदर्शी स्वप्नदृष्टा थे. उन्होंने कहा कि स्वदेशी मिसाइल और अंतरिक्ष कार्यक्रमों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में उनका योगदान भारतीय विज्ञान के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में दर्ज है. उन्होंने यह भी कहा कि डॉ. कलाम के विचार आज भी युवाओं को अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा देते हैं.
अमित शाह ने डॉ. कलाम को किस तरह याद किया?
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. उन्होने सोशल मीडिया पोस्ट में डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को भारत के अंतरिक्ष और मिसाइल कार्यक्रमों का जनक बताया. विज्ञान के क्षेत्र में डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की उत्कृष्टता ने भारत को एक शक्तिशाली रणनीतिक शक्ति बनने की राह दिखाई. डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के ज्ञान ने लाखों लोगों को महानता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया. उनके देशभक्तीं के लिए सदा आदर्श बने रहेंगे.
राजनाथ सिंह ने श्रद्धांजलि संदेश में क्या कहा?
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने डॉ. कलाम को ‘पीपल्स प्रेसिडेंट’, ‘मिसाइल मैन ऑफ इंडिया’ और असाधारण वैज्ञानिक बताया. उन्होंने कहा कि भारत की स्वदेशी मिसाइल और रणनीतिक रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही. उन्होंने कहा कि डॉ. कलाम का जीवन आने वाली पीढ़ियों को बड़े सपने देखने और देश सेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा.
साधारण परिवार से देश के राष्ट्रपति बनने तक का सफर
डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का जन्म 15 अक्टूबर 1931 को तमिलनाडु के रामेश्वरम में हुआ था. उनका परिवार आर्थिक रूप से संपन्न नहीं था, इसलिए बचपन में उन्होंने पढ़ाई के साथ अखबार भी बांटे.कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने अपनी शिक्षा पूरी की. एयरोस्पेस इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर वैज्ञानिक बनने का सपना साकार किया. डॉ. कलाम ने भारत के रक्षा अनुसंधान और अंतरिक्ष कार्यक्रम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने कई स्वदेशी मिसाइल परियोजनाओं में नेतृत्व किया, जिनमें अग्नि और पृथ्वी जैसी मिसाइलें प्रमुख हैं. उनके नेतृत्व में भारत ने रणनीतिक रक्षा क्षमता को नई मजबूती दी, जिससे देश की वैज्ञानिक पहचान विश्व स्तर पर मजबूत हुई. साल 2002 में डॉ. कलाम भारत के 11वें राष्ट्रपति बने. वे ऐसे राष्ट्रपति थे जो छात्रों, शिक्षकों और आम नागरिकों के बीच सबसे अधिक लोकप्रिय रहे. इतना ही नहीं डॉक्टर अब्दुल कलाम 1981 में पद्म भूषण, 1990 में पद्म विभूषण, 1997 में भारत रत्न से सम्मानित हुए.
हर युवा अपनी जिंदगी में आगे बढ़ने के लिए अपनाएं 5 लाइफ मंत्र
1. अनुशासन और मेहनत
2. असफलता से न डरे
3. सपने बड़े देखिए
4. सीखते रहें
5. आधे-अधरे काम न छोड़े
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