Earthquake: भारत में सोमवार की सुबह सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं. भूकंप के झटके ने लोगों में दहशत फैला दी. सभी लोग अपने अपने घरों से बाहर निकल गए. जानकारी अनुसार असम समेत पूर्वोत्तर भारत में भूकंप तेज झटके महसूस किए गए. रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 5.1 दर्ज की गई है. जानकारी अनुसार सुबह सुबह करीब 4.17 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं.
त्रिपुरा में भूकंप
नेशनल सेंटर फोर सिस्मोलॉजी की ओर से पहले त्रिपुरा में आए भूकंप के बारे में जानकारी दी गई है. संस्थान ने बताया है कि सोमवार को त्रिपुरा राज्य के गोमती में भूकंप के झटके महसूस किए गए. इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 3.9 मापी गई है. दी गई जानकारी के मुताबिक, ये भूकंप सोमवार को तड़के 3 बजकर 33 मिनट पर आया. भूकंप का केंद्र धरती से 54 किलोमीटर की गहराई पर थी.
असम में भी भूकंप
नेशनल सेंटर फोर सिस्मोलॉजी ने जानकारी दी है कि पूर्वोत्तर भारत के एक और राज्य असम में भी सोमवार को तड़के तेज भूकंप के कारण धरती हिल उठी है. संस्थान की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, असम में आए भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.1 मापी गई है. ये भूकंप असम के मोरीगांव में तड़के 4 बजकर 17 मिनट पर आया. असम में आए भूकंप का केंद्र धरती से 50 किलोमीटर भीतर था.
असम के कई जिलों में महसूस हुई कंपन
भूकंप के झटके असम के कई जिलों में महसूस किए गए. कामरूप मेट्रोपॉलिटन, नागांव, पूर्व और पश्चिम कार्बी आंगलोंग, होजई, दिमा हसाओ, गोलाघाट, जोरहाट, शिवसागर, चराइदेव, कछार, करीमगंज, हैलाकांडी, धुबरी, दक्षिण सलमारा-मनकाचर और गोलपारा सहित कई इलाकों में लोगों ने झटके महसूस किए. इसके अलावा दरांग, तामुलपुर, सोनितपुर, कामरूप, बिश्वनाथ, उदलगुरी, नलबाड़ी, बजाली, बारपेटा, बक्सा, चिरांग, कोकराझार, बोंगाईगांव और लखीमपुर जैसे उत्तरी जिलों में भी कंपन महसूस हुआ.
जानमाल के नुकसान की खबर नहीं
अधिकारियों ने बताया कि जानमाल के नुकसान की कोई तत्काल खबर नहीं है, हालांकि सेंट्रल असम के कुछ हिस्सों में रहने वाले लोगों ने हल्के से मध्यम झटके महसूस किए. अधिकारी स्थिति पर नजर रख रहे हैं.
क्यों आते हैं भूकंप?
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, हमारी धरती के नीचे कुल 7 टेक्टोनिक प्लेटें होती हैं. जानकारी के मुताबिक, ये सभी 7 टेक्टोनिक प्लेट्स अपने-अपने क्षेत्र में घूमते रहते हैं. हालांकि, घूमने के दौरान ये टेक्टोनिक प्लेटें कई बार एक फॉल्ट लाइन पर टकराती हैं. अब इनके टकराने के कारण घर्षण पैदा होता जिससे ऊर्जा निकलती है. ये ऊर्जा बाहर निकलने का रास्ता खोजती हैं. इसी कारण धरती पर भूकंप की घटनाएं देखने को मिलती रहती हैं.
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