Smartphone Tips: पिछले कुछ सालों से स्मार्टफोन बहुत एडवांस हो गए हैं. अब एआई आने के बाद ये और भी स्मार्ट होते जा रहे हैं और अब फोन को यूज करना एकदम आसान हो गया है. दमदार सॉफ्टवेयर और धांसू हार्डवेयर के कारण अब फोन से ऐसे टास्क किए जा सकते हैं, जो एक समय बहुत मुश्किल लगते थे. इतने पावरफुल डिवाइस का सही इस्तेमाल भी जरूरी है. कुछ ऐसी चीजें भी हैं, जिन्हें फोन पर करने से बचना चाहिए. वरना ये आपका बड़ा नुकसान करवा सकती हैं. आज हम आपको बताएंगे कि फोन पर क्या काम नहीं करने चाहिए.
फोन को ज्यादा चार्ज न करें- अपने फोन को घंटों चार्जिंग पर लगाकर छोड़ देने से बचें. फोन को लगातार चार्जिंग पर लगाने से यह गर्म हो जाता है. जैसे ही आपका फोन चार्ज हो जाए, उसे तुरंत ही चार्जिंग से हटा दें. आपके मोबाइल फोन की बैटरी की सेहत के लिए बेस्ट यह है कि जब समय मिले इसे थोड़ा-थोड़ा चार्ज करते रहिए. अगर आप एक बार में 10 या 20 फीसदी चार्जिंग करते हैं तो बैटरी की सेहत पर कोई खराब असर नहीं पड़ने वाला है.
फोन को शर्ट की जेब में न रखें- इस बात को लेकर एक्सपर्ट्स के बीच बहस चल रही है. लेकिन, डॉक्टरों का कहना है कि आपको अपनी शर्ट की चेस्ट पॉकेट (शर्ट की आगे वाली जेब) में मोबाइल फोन नहीं रखना चाहिए, क्योंकि यह आपकी हेल्थ को नुकसान पहुंचा सकता है.
फोन चार्ज करते समय न लगाएं ईयरफोन- हाल के दिनों में कई घटनाएं ऐसी हुई हैं, जिनमें लोग चार्जिंग के समय ईयरफोन लगाकर गाने सुन रहे थे या फिल्म देखकर रहे थे, तभी मोबाइल में ब्लास्ट हो गया. फोन में आग लगने के कारण इस साल कई लोग की मौत भी हो गई है. ऐसे में फोन चार्ज करते समय ईयरफोन कतई न लगाएं.
फोन को अपने पास रखकर न सोएं- कभी भी अपने फोन को पास रखकर न सोएं. खासकर, कभी फोन को अपनी तकिया के नीचे न रखें. यह न केवल जोखिम भरा है, बल्कि डॉक्टरों का कहना है कि सोने के दौरान मोबाइल डिवाइस ब्रेन सिग्नल में दखल देता है, जिससे आपकी नींद पर असर पड़ता है.
किसी भी दुकान से ठीक न कराएं अपना फोन- अगर आपका मोबाइल खराब हो जाए तो उसे केवल कंपनी के अधिकृत सेंटर से ही रिपेयर कराएं. अगर आप अपने फोन को अधिकृत सेंटर से रिपेयर कराएंगे तो फोन के ओरिजनल पार्ट ही डालेंगे. वहीं, अगर आप अपने फोन को किसी बाहर की दुकान से रिपेयर कराते हैं तो वह आपके डेटा में छेड़छाड़ करने के साथ नकली पार्ट फोन में लगा देता है, जिससे आपके फोन में हमेशा जोखिम बना रहता है.
सिक्योरिटी फीचर्स को न करें– डिसेबल- एंड्रॉयड हो या आईफोन, आजकल हर स्मार्टफोन में कई बिल्ट-इन सिक्योरिटी फीचर्स आने लगे हैं. ये न सिर्फ डेटा चोरी और मालवेयर अटैक से प्रोटेक्शन देते हैं बल्कि चोरी होने की स्थिति में भी आपके पर्सनल डेटा को सेफ रख सकते हैं. इनमें डिवाइस प्रोटेक्शन, फाइंड माई, गूगल प्ले प्रोटेक्ट समेत कई फीचर्स शामिल हैं. ये फोन की सेफ्टी के लिए बहुत जरूरी होते हैं और आपको इन्हें कभी भी डिसेबल नहीं करना चाहिए. इनके डिसेबल होने पर फोन की सेफ्टी खतरे में पड़ सकती है और हैकर्स के लिए आपके डेटा और पर्सनल इंफोर्मेशन तक पहुंचाना आसान हो जाएगा.
बैटरी ऑप्टिमाइजेशन को बंद न करें- सेफ्टी फीचर्स की बैटरी ऑप्टिमाइजेशन को भी बंद नहीं करना चाहिए. यह फीचर बैटरी को जल्दी खराब होने से बचाता है. बैटरी फोन का ऐसा कंपोनेंट होता है, जिसमें सबसे पहले डिग्रेडेशन होना शुरू होता है. ऐसा होने पर बैटरी चार्ज को होल्ड नहीं कर पाती और फोन को बार-बार चार्जिंग पर डालना पड़ता है. इससे बचने के लिए बैटरी ऑप्टिमाइजेश का फीचर दिया जाता है. यह अलग-अलग मॉडल के हिसाब से बैटरी प्रोटेक्शन या एडेप्टिव बैटरी के नाम से मौजूदा हो सकता है. यह बैटरी को ओवरचार्ज नहीं होने देता और परफॉर्मेंस के हिसाब से फोन को पावर सप्लाई करता है. इससे बैटरी लंबी चलती है और बार-बार चार्जिंग का झंझट भी नहीं रहता.
खराब क्वालिटी वाली एक्सेसरीज न करें यूज- अगर आप फोन को कई साल तक नए जैसा रखना चाहते हैं तो नकली और खराब क्वालिटी वाली एक्सेसरीज के यूज से बचें. खराब क्वालिटी वाले चार्जर, केबल और दूसरी एक्सेसरीज आपके फोन को जल्दी ही पुराना बनाते हुए भारी नुकसान पहुंचा सकती है. नकली चार्जर और केबल आपके फोन की बैटरी को जल्दी खराब कर देते हैं. इसलिए हमेशा असली चार्जर और केबल यूज करें.
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