Ballia: नगर से सटे नगवा गांव में जन्मे 1857 स्वतंत्रता संग्राम के नायक अमर शहीद मंगल पांडेय के बलिदान दिवस पर देर शाम को विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान आयोजित भव्य कार्यक्रम ने पूरे क्षेत्र को देशभक्ति के रंग में रंग दिया। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम का आयोजन सदर विधायक और प्रदेश सरकार के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के संयोजकत्व में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होकर वीर सपूत को श्रद्धांजलि अर्पित किया। अमर शहीद के 169वें बलिदान दिवस पर अतिथियों ने उन्हें 169 किलो का माला पहनाकर नमन किया। कार्यक्रम की खास बात रही कि इसमें मुख्य अतिथि बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के कुलपति बलिया के जवहीं निवासी प्रोफेसर अजीत कुमार चतुर्वेदी व भोजपुरी कलाकार और सांसद मनोज तिवारी तथा लोकप्रिय कलाकार आर्यन बाबू की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा को और बढ़ा दिया। पूरा माहौल देशभक्ति गीतों और नारों से गूंजता रहा। मुख्य अतिथि प्रोफेसर अजीत कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि बलिया से जुड़ाव तो बचपन से है लेकिन आज इस कार्यक्रम में परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने मुझे आमंत्रित कर धन्य कर दिया। उन्होने कहा कि मंगल पांडेय के जीवन और बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। परिवहन मंत्री ने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के अग्रदूत मंगल पांडेय के नाम पर एक ट्रिपल आईटी बनवाने की मांग की, जिस पर कुलपति ने हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। मुख्य अतिथि ने कहा कि 19 जुलाई 1827 को बलिया के नगवा में जन्मे मंगल पांडेय ने ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की सेना में रहते हुए अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह का बिगुल फूंका था। 29 मार्च 1857 को बैरकपुर में अंग्रेज अधिकारी पर गोली चलाने की घटना ने पूरे देश में क्रांति की चिंगारी भड़का दी थी। इसके बाद 8 अप्रैल 1857 को उन्हें फांसी दे दी गई, लेकिन उनका बलिदान भारत की आजादी की नींव बन गया। अमर शहीद को भारत रत्न देने की भी मांग परिवहन मंत्री ने की, जिस पर सांसद मनोज तिवारी ने भावुक अंदाज में कहा कि “मंगल पांडेय जैसे महानायक भारत रत्न से भी ऊपर हैं। अगर उन्हें यह सम्मान नहीं मिलेगा तो फिर किसे मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह वही धरती है जहां से अंग्रेजी शासन की जड़ें हिल गई थीं। साथ ही उन्होंने दया शंकर सिंह को इस भव्य आयोजन के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि ऐसे कार्य समाज को प्रेरणा देते हैं। इस दौरान लोगों की मांग पर मनोज तिवारी ने कई गीत प्रस्तुत कर शमा बांध दिया। मंच पर आते ही मनोज तिवारी ने धनि-धनि नगवां अंगनवा जहां मंगल लिहले जनमवा नू हो गाकर लोगों में देशभक्ति को जगा दिया। इसके बाद ददरी के मेलवा, बाघ के करेजा, ओका, बोका आदि कई गीत प्रस्तुत कर लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। इसके बाद आर्यन बाबू आदि कई कलाकारों ने गीत प्रस्तुत किए। राजनीतिक मुद्दों पर भी मनोज तिवारी ने कहा कि बंगाल की जनता अब बदलाव चाहती है और वहां जल्द ही कानून का राज स्थापित होगा। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में सभी को बोलने का अधिकार है, लेकिन देशभक्तों के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल दुर्भाग्यपूर्ण है। वहीं अखिलेश यादव के विदेश नीति वाले बयान पर कहा कि पहले अपनी पार्टी की नीति स्पष्ट करें, फिर देश की नीति पर सवाल उठाएं। उन्होंने भारत की वैश्विक भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि देश आज शांति और स्थिरता का संदेश दे रहा है। कार्यक्रम में आए बदलापुर के विधायक रमेश मिश्रा, राबर्ट्सगंज भूपेश चौबे व बांदा के विधायक प्रकाश द्विवेदी ने इतना भव्य आयोजन कराने तथा आमंत्रित करने के लिए परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह की उन्मुक्त कंठ से प्रशंसा की और अगले फिर आने का वादा किया। ऐसे में यह कार्यक्रम सिर्फ श्रद्धांजलि तक सीमित नहीं रहा, बल्कि देशभक्ति, इतिहास और समकालीन राजनीति का संगम बन गया। आयोजन की अपार सफलता पर परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अमर शहीद के इस कार्यक्रम को अगले वर्ष और भी भव्य रूप दिया जाएगा। मंत्री ने कार्यक्रम के दौरान दर्जनों पूर्व सैनिकों व क्षेत्र के गणमान्य व्यक्तियों को अंगवस्त्रम व मोमेंटो देकर सम्मानित किया। इस दौरान जिलाध्यक्ष संजय मिश्रा, महिला आयोग की सदस्य सुनीता श्रीवास्तव, मंडल अध्यक्ष सोनी तिवारी, पुना सिंह, मृत्युंजय तिवारी, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष विवेक पाठक, पूर्व जिला पंचायत सदस्य चंद्रप्रकाश पाठक, सुशील पाठक, पूर्व प्रधान सुनील सिंह, शशिकांत सिंह, प्रधान गुड्डू पांडेय, विनोद पासवान, संजय यादव, रामनारायण बिंद, प्रपौत्र मंगल पांडेय अंजनी पांडेय, दीपक पासवान आदि मौजूद रहे।