Lucknow: लखनऊ के अलीगंज में इमारत में आग लगने से 15 बच्चों की जान चली गई. इस घटना की जांच के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ ने एसआईटी का गठन किया है. इसमें अपर मुख्य सचिव (पर्यटन और संस्कृति) अमृत अभिजात और एडीजी (लखनऊ) प्रवीण कुमार शामिल है. SIT को सात दिन में रिपोर्ट देनी. रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद, पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण समेत जन प्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया था.
लखनऊ कोचिंग अग्निकांड मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग को लेकर राज्य मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज हुई है. इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता और मानवाधिकार शोधकर्ता डॉ. गजेंद्र सिंह यादव ने इस मामले में शिकायत दर्ज कराई है.
दोषी किसी भी सूरत में बख्शे नहीं जाएंगे-सीएम योगी
सोमवार को अग्निकांड की सूचना मिलते ही सीएम अलीगढ़ का अपना दौरा बीच में रद्द कर राजधानी लौट आए. वह सीधे घटनास्थल पर पहुंचे. शासन व प्रशासन के अधिकारियों से हादसे की पूरी जानकारी ली. इसके बाद केजीएमयू गए और यहां भतीं घायलों से मिले. उन्होंने कहा कि हम किसी की जिंदगी तो नहीं लौटा सकते, लेकिन विश्वास दिलाते है कि दोषी किसी भी सूरत में बख्शे नहीं जाएंगे.
लखनऊ अग्निकांड पर बोले डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि यह बेहद दुखद घटना है. दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा. एसआईटी जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी. सरकार इस पूरे मामले पर गंभीरता से काम कर रही है. कोई भी दोषी नहीं बचेगा, चाहे वह अधिकारी हो या कोई अन्य व्यक्ति. सरकार पीड़ित परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है.
मृतक आश्रितों को 7-7 रुपये लाख की मदद
सीएम ने जान गंवाने वाले युवाओ के घरवालों को 5-5 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक मदद की घोषणा की. पीएम नरेंद्र मोदी ने भी घटना पर दुःख जताते हुए मृतकों के परिवारजनों के लिए 2-2 लाख और घायलों के लिए 50-50 हजार रुपये आर्थिक मदद का ऐलान किया है.
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