Earthquake: भारत समेत दुनियाभर के विभिन्न देशों में बीते कुछ समय से भूकंप के झटके लगातार महसूस किए जा रहे हैं. इस बीच अब शुक्रवार की रात को दिल्ली एनसीआर समेत भारत के विभिन्न प्रदेशों में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं जिसने लोगों को डराकर रख दिया है. भूकंप के ये झटके जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और पंजाब में भी महसूस किए गए हैं. आइए जानते हैं कि इस भूकंप का केंद्र कहां था और इसकी तीव्रता कितनी थी.
कितनी थी तीव्रता-कहां था केंद्र?
दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में शुक्रवार को भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं. दिल्ली के साथ ही भूकंप के झटके कश्मीर के भी विभिन्न हिस्सों में महसूस किए गए हैं. इसके अलावा पंजाब के पठानकोट में भी भूकंप के झटके लगे हैं. सामने आई जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार को आए इस भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान-ताजिकिस्तान सीमा क्षेत्र में बताया जा रहा है. इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 5.9 मापी गई है. भूकंप धरती के 175 किलोमीटर की गहराई में आया है.
भूकंर से डर गए लोग
कश्मीर के विभिन्न हिस्सों में भूकंप के झटकों के बाद लोगों के बीच चिंता की लहर दौर गई है. हालांकि, अब तक भूकंप के कारण किसी जान-माल के नुकसान की खबर सामने नहीं आई है. सामने आई जानकारी के मुताबिक, पंजाब के पठानकोट में रात करीब 9 बजकर 50 मिनट पर भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए. तो वहीं, यूपी के नोएडा में कई सेकंड तक भूकंप के झटके महसूस हुए.
भूकंप कैसे आता है?
भूकंप पृथ्वी की सतह का अचानक हिलना या कांपना है. यह मुख्य रूप से प्लेट टेक्टॉनिक्स के सिद्धांत से जुड़ा है. इसके मुख्य कारणों की बात करें तो टेक्टोनिक प्लेटों की गति पृथ्वी की बाहरी परत (स्थलमंडल या लिथोस्फीयर) कई बड़ी-बड़ी टेक्टोनिक प्लेटों में बंटी हुई है. ये प्लेटें लगातार बहुत धीमी गति से (साल में कुछ सेंटीमीटर) घूमती या खिसकती रहती हैं. जब प्लेटों के किनारे फ्रिक्शन (घर्षण) के कारण अटक जाते हैं, तो तनाव लगातार बढ़ता रहता है. जब यह तनाव इतना ज्यादा हो जाता है कि चट्टानें सहन नहीं कर पातीं, तो वे अचानक टूटती या खिसकती हैं. इस अचानक ऊर्जा मुक्ति से भूकंपीय तरंगें पैदा होती हैं, जो पृथ्वी की सतह पर कंपन पैदा करती हैं, यही भूकंप है.
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