Weather news: देश में फरवरी महीने के मौसम में लगातार बदलाव देखा जा रहा है. ज्यादातर राज्यों के न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है. मौसम विभाग ने 10 फरवरी को उत्तर-पश्चिम भारत के न्यूनतम तापमान में लगभग 2 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी का अनुमान लगाया है. मौसम विभाग ने उत्तर-पश्चिम भारत के तापमान में उतार-चढ़ाव की भविष्यवाणी की है. वहीं, उत्तर भारत के कुछ राज्यों में हल्की बारिश और बर्फबारी देखी जा रही है. कुछ जगहों पर हल्का कोहरा भी पड़ रहा है.
यूपी में कैसा रहेगा मौसम
यूपी में इस समय मौसम के दो रूप देखने को मिल रहे हैं. एक तरफ जहां दिन में चटक धूप खिली रहने से लोगों को हल्की गर्मी का एहसास हो रहा है, वहीं सुबह और शाम की ठिठुरन बरकरार रखी है. 10 फरवरी को प्रदेश के तराई क्षेत्रों में घना कोहरा छाए रहने का अनुमान है. गोरखपुर, बरेली, पीलीभीत और लखीमपुर खीरी समेत कई जिलों में घने कोहरे को लेकर ओरेंज अलर्ट की चेतावनी जारी की गई है. वहीं, आजमगढ़, मऊ और बाराबंकी जैसे जिलों में मध्यम कोहरा रहेगा. इसके अलावा नोएडा में सुबह धुंध रहेगी लेकिन दिन में मौसम साफ रहेगा. लखनऊ में धूप तीखी होने के आसार हैं, यहां अधिकतम तापमान 26 डिग्री तक जा सकता है.
बिहार और झारखंड में सुबह कोहरा
बिहार में न्यूनतम तापमान में 1 से 3 डिग्री की गिरावट आने की संभावना है, जिससे सुबह-शाम की ठंड बढ़ेगी. पटना समेत अधिकांश शहरों में दिन में धूप खिलेगी, जिससे राहत मिलेगी. झारखंड में 14 फरवरी तक सुबह के समय हल्का कोहरा छाए रहने का अनुमान है. हालांकि, दिन में आसमान साफ रहेगा और तापमान में किसी बड़े बदलाव की गुंजाइश नहीं है.
पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी और बारिश की संभावना
पहाड़ों पर मौसम फिर से बिगड़ने वाला है. हिमाचल में 9 और 10 फरवरी को एक नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से ऊंची चोटियों पर बर्फबारी और बारिश की संभावना है. कुकुमसेरी में पारा -13.4 डिग्री तक लुढ़क गया है. अगले कुछ दिनों में यहां तापमान में 2-8 डिग्री की बड़ी गिरावट आ सकती है. वहीं, उत्तराखंड के उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जैसे 5 जिलों में बारिश और बर्फबारी का अलर्ट जारी किया गया है. 3000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित हो सकता है.
राजस्थान में बसंत से पहले गर्मी की दस्तक
राजस्थान में सर्दी का असर अब लगभग खत्म हो रहा है. अधिकांश जिलों में पारा 25 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है. बाड़मेर में अधिकतम तापमान 31 डिग्री दर्ज किया गया, जिससे अब लोगों को दिन में गर्म कपड़ों की जरूरत महसूस नहीं हो रही है. अगले एक हफ्ते तक यहां मौसम शुष्क रहने का अनुमान है.
क्यों टूटेंगे गर्मी के रिकॉर्ड?
मौसम विभाग की नई रिपोर्ट संकेत दे रही है कि साल 2026 इतिहास के सबसे गर्म सालों की सूची में शामिल हो सकता है. इसकी सबसे बड़ी वजह है प्रशांत महासागर में ‘ला नीना’ का कमजोर होना और ‘अल नीनो’ का सक्रिय होना. जब अल नीनो का प्रभाव बढ़ता है, तो वैश्विक तापमान में उछाल आता है और बारिश का सामान्य चक्र गड़बड़ा जाता है. ऊपर से बढ़ता हुआ कार्बन उत्सर्जन इस आग में घी डालने का काम कर रहा है. अनुमान है कि 2027 में यह गर्मी अपने चरम पर होगी, जिससे न केवल लू (Heatwave) का प्रकोप बढ़ेगा बल्कि जंगलों में आग लगने जैसी घटनाएं भी बढ़ सकती हैं.
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