Southwest monsoon: 4 जून को देश के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. IMD के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून केरल में दस्तक दे सकता है, जिससे दक्षिण भारत में भारी बारिश का दौर शुरू होगा. पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में भी तेज बारिश की संभावना है. वहीं दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में आंधी, गरज-चमक और हल्की बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज हो सकती है. मौसम विभाग ने कई क्षेत्रों के लिए भारी वर्षा और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है. इससे भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है और खरीफ फसलों की तैयारी कर रहे किसानों को भी फायदा हो सकता है
मानसून से पहले मौसम में बदलाव
इस साल मानसून के दौरान देश के विभिन्न क्षेत्रों में अधीक बारिश होने की संभावना है। मानसून आने से पहले कई राज्यों में आंधी, ओलावृष्टि का दौर जारी है तो वहीं कई राज्यों में लू चल रही है। बता दें कि महाराष्ट्र में तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। हालांकि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने इस साल दीर्घकालिक औसत से 90% कम वर्षा का अनुमान लगाया है
क्यों देर से आ रहा है मानसून
दक्षिण-पश्चिम मानसून, जो 1 जून तक केरल पहुंच जाता है, अपर्याप्त पश्चिमी हवाओं और बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती गतिविधि के कारण इस साल देर से आ रहा है। इससे पहले केरल और लक्षद्वीप में छिटपुट बारिश दर्ज की गई है, लेकिन भारतीय मौसम विज्ञान विभाग का कहना है कि मानसून के आधिकारिक आगमन के लिए आवश्यक वर्षा, हवा की गति और बादल छाने की स्थिति अभी तक नहीं बनी है। अब अगले दो से तीन दिनों में केरल, तमिलनाडु और आसपास के इलाकों में मानसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन चुकी हैं।
कहां, कैसा है मौसम
लक्षद्वीप, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों में भारी वर्षा हो रही है, जबकि महाराष्ट्र के गोंडिया में तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। जून की शुरुआत के पूर्वानुमानों में दक्षिणी और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी वर्षा, ओडिशा, राजस्थान और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में 90 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से गरज के साथ बौछारें और बिहार में लू की चेतावनी शामिल है। उत्तर-पश्चिम भारत में तापमान में 4-6 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने की संभावना है, जबकि पूर्व और दक्षिण के कुछ हिस्सों में गर्म और नमी रहेगी।