Holi 2026: उमंग से भरे होली के त्यौहार में, बुरा मानने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है. खुश रहिए और खुशियां बांटिए क्योंकि होली का मजा रंगों में है, साथ मिलकर मस्ती करने में है. लेकिन होली की मस्ती के बीच इतना ध्यान रखना जरूरी है कि आप जो गुलाल उड़ाएं, वो केमिकल वाला न हो, दूसरों के लिए मुसीबत न बने, आंख-कान-नाक-स्किन और बालों को नुकसान न पहुंचाए क्योंकि सेहत है तो सबकुछ है. सावधानी बरतने की जरूरत इसलिए भी है कि क्योंकि बदलता मौसम सेहत पर भारी पड़ रहा है.
प्राकृतिक और घरेलू रंगों का चुनाव करें
रासायनिक रंग त्वचा को नुकसान पहुंचाते हैं और कई बार एलर्जी या संक्रमण का कारण बनते हैं. इसके बजाय बेसन, हल्दी, गुलाल, फूलों के रंग (जैसे गुलाब, टेसू, हिबिस्कस) और हर्बल पाउडर का इस्तेमाल करें. ये प्राकृतिक रंग न केवल सुरक्षित होते हैं, बल्कि त्वचा को पोषण भी देते हैं. हल्दी में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो त्वचा को स्वस्थ रखते हैं.
संतुलित और हल्का आहार लें
होली पर तला-भुना, मसालेदार और भारी भोजन से परहेज करें. ज्यादा मीठा, तैलीय और मलाईदार खाने से पेट खराब हो सकता है. इसके बजाय मौसमी फल, नारियल पानी, नींबू-पानी, छाछ, हर्बल जूस और हल्का सात्विक भोजन लें. इससे शरीर हल्का रहेगा और थकान नहीं होगी.
खूब पानी और हेल्दी ड्रिंक्स का सेवन करें
रंग खेलने के दौरान शरीर से काफी पसीना निकलता है, इसलिए डिहाइड्रेशन से बचने के लिए दिनभर खूब पानी पिएं. नींबू पानी, नारियल पानी, या पुदीने का शरबत लेना सबसे अच्छा है. यह शरीर को हाइड्रेट रखता है, रंगों के प्रभाव को कम करता है, और त्वचा को भी स्वस्थ बनाए रखता है.
आंखों और त्वचा की विशेष सुरक्षा
रंग आंखों में जाने से जलन और इंफेक्शन हो सकता है. खेलते समय चश्मा पहनें या आंखों को अच्छे से बंद रखें. खेल खत्म होने के बाद तुरंत साफ ठंडे पानी से चेहरा और शरीर धोएं. आंखों को साफ पानी से कई बार धोएं. अगर रंग लग जाए तो गुलाब जल या सादा पानी से साफ करें.
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