हर साल टोल से कितना कमाती है भारत सरकार? कहां खर्च होता है ये पैसा

Toll Tax Revenue: भारत में लगातार नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे का नेटवर्क बढ़ रहा है. इसके साथ ही टोल वसूली से होने वाली सरकार की कमाई भी हर साल नए रिकॉर्ड बना रही है. इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हाल के वर्षों में हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर, फास्टैग जैसी डिजिटल व्यवस्था और ट्रैफिक की वजह से टोल कलेक्शन में तेजी से इजाफा हुआ है.

टोल से होने वाली कमाई
  • सरकार टोल से रोजाना औसतन ₹220 करोड़ से ज्यादा कमाती है.
  • नए एक्सप्रेसवे और सैटेलाइट-आधारित टोलिंग सिस्टम (MLFF) लागू होने से सरकार को वित्त वर्ष 2026-27 तक यह कलेक्शन ₹1 लाख करोड़ के पार जाने का अनुमान है.
यह पैसा कहाँ खर्च होता है?
  • टोल से प्राप्त राशि का एक बड़ा हिस्सा नए एक्सप्रेसवे और राष्ट्रीय राजमार्गों (National Highways) के निर्माण पर खर्च किया जाता है.
  • वर्तमान सड़कों की मरम्मत, डामरीकरण, गड्ढे भरने, और सुरक्षा मानकों (जैसे साइनबोर्ड, लाइटें) को बनाए रखने में यह धन उपयोग होता है.
  • भारतीय राजमार्गों के निर्माण के लिए बैंकों और वित्तीय संस्थाओं से जो भारी कर्ज लिया जाता है, उसकी किस्तें और ब्याज चुकाने में यह राजस्व लगाया जाता है.
  • कई राजमार्ग HAM (Hybrid Annuity Model) या TOT (Toll-Operate-Transfer) मॉडल के तहत बनाए जाते हैं. इसके तहत सड़कों का निर्माण करने वाली निजी कंपनियों को उनकी लागत और मुनाफे का भुगतान टोल राजस्व से ही किया जाता है.
  • टोल प्रणाली को आधुनिक बनाने (जैसे सैटेलाइट-आधारित टोलिंग सिस्टम) और फास्टैग नेटवर्क के रखरखाव में भी यह फंड इस्तेमाल किया जाता है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *