Tamil Nadu: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थलापति विजय ने बड़ा फैसला किया है. मुख्यमंत्री विजय के आदेश पर तमिलनाडु सरकार ने फिल्म निर्माता के. वेंकट नारायण को नई दिल्ली में राज्य सरकार का नया ‘विशेष प्रतिनिधि’ नियुक्त किया है. यह नियुक्ति फिलहाल एक साल के लिए अस्थायी तौर पर की गई है, लेकिन इस आदेश के निकलते ही तमिलनाडु के राजनीतिक गलियारों में भारी बवाल खड़ा हो गया है.
तमिलनाडु सरकार ने 23 जून को जारी आदेश में एक साल के लिए इस अस्थायी पद पर नियुक्ति की है. यह पद दर्जे के लिहाज से मंत्री के समकक्ष माना जाता है. विपक्षी पार्टियों- द्रमुक, अन्नाद्रमुक और भाजपा ने इस कदम को लेकर तमिलगा मुनेत्र कषगम (टीवीके) सरकार की आलोचना की.
जैसे ही इस नियुक्ति की आधिकारिक मुहर लगी, मुख्य विपक्षी दल द्रमुक (DMK) ने मुख्यमंत्री विजय पर भाई-भतीजावाद और प्रशासनिक अपरिपक्वता का सीधा आरोप लगाते हुए मोर्चा खोल दिया. द्रमुक के राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता पी. विल्सन ने इस फैसले की धज्जियां उड़ाते हुए कहा कि एक कमर्शियल फिल्म बनाने वाले को इतने संवेदनशील कूटनीतिक पद पर बैठाना पूरी तरह गलत है.