Ghazipur: परम संत बाबा जयगुरुदेव जी महाराज के संदेशों को लेकर जयगुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था मथुरा के अध्यक्ष संत पंकज जी महाराज अपने 83 दिवसीय शाकाहार, सदाचार, मद्यनिषेध, आध्यात्मिक, वैचारिक जनजागरण यात्रा के साथ कल सायंकाल ग्राम फुल्ली ब्लॉक जमानिया पहुंचे।
अपने सत्संग संबोधन में उन्होंने कहा कि सत्संग में किसी धर्म, मजहब, जाति- पाति या व्यक्ति विशेष की कोई निन्दा नहीं की जाती। सत्संग में मालिक से मिलने का प्रेम, प्यार पैदा किया जाता है। सत्संग कोई किस्सा, कहानी या कथा वार्ता नहीं। सत्संग में प्रभु-प्राप्ति का रास्ता मिलता है।
बाबा जयगुरुदेव के एक मात्र उत्तराधिकारी ने कहा कि लड़ाई झगड़ा करना इन्सानों का नहीं, हैवानों का काम है। लड़ाई-झगड़े अज्ञानता की निशानी हैं। इनसे नफरत के अलावा और कुछ नहीं मिलता। उन्होंने देश में मांसाहार और नशाखोरी की बढ़ती प्रवृत्ति पर गहरी चिन्ता व्यक्त की और सभी वर्ग, धर्म, जाति, स्तर के लोगों से शाकाहार अपनाने और बुद्धिनाशक नशों के सेवन से परहेज करने की अपील की। चरित्र को मानव धर्म की सबसे बड़ी पूँजी बताया। अच्छे संस्कार की शिक्षा और चरित्र उत्थान पर जोर दिया।
बाबा जयगुरुदेव के सन्देश वाहक ने अहिंसा परमोधर्मः पर जोर देते हुए मानव-धर्म, मानव-कर्म, मानवीय प्रेम, सत्य, दया, करुणा उदारता, परोपकार, मानव सेवा जैसे मानवीय गुणों के विकास के लिए जागरूकता पैदा करने की अपील की।
जयगुरुदेव नाम की महिमा बताते हुए कहा कि यह वक्त और समय का जगाया हुआ नाम है, जैसे वैदिक काल में, ओम नाम, कबीर साहब ने ‘साहब’ नाम, नानक जी ने ‘वाहेगुरु’, सूरदास ने ‘श्याम’ नाम, गोस्वामी जी ने ‘राम’ नाम और मीराबाई ने ‘गिरधर’ नाम जगाया और प्रचार किया। उसी तरह मेरे गुरु महाराज परम सन्त बाबा जयगुरुदेव जी महाराज ने ‘जयगुरुदेव’ नाम जगाया और सिद्ध किया है। यह नाम मुसीबत के वक्त मदद्गार है। मेरे गुरु महाराज ने जयगुरुदेव नाम का ऐसा जहाज लगा दिया है। यदि इस पर सृष्टि के सारे जीव चढ़ जायें तो उनको सबको पार करेगा।
उन्होने आगामी 3, 4 व 5 मार्च 2026 को जयगुरुदेव आश्रम पर आयोजित जयगुरुदेव होली, सत्संग मेले में भाग लेने का निमन्त्रण दिया। इस अवसर पर जंगबहादुर सिंह यादव, नरेंद्र सिंह चौहान, राम प्रकाश यादव, लल्लन चौहान, अंगद यादव, उदय नारायण यादव, सहयोगी संगत मीरजापुर के अध्यक्ष घूरन प्रसाद अपने सहयोगियों सहित उपस्थित रहे। सत्संग के बाद जनजागरण यात्रा अपने अगले पड़ाव ग्राम धरोहिया उर्फ कर्महरी ब्लॉक जमानिया के लिए प्रस्थान कर गई। जहाँ कल दोपहर 12 बजे से सत्संग होगा।