Yoga for eyesight: आज की डिजिटल लाइफस्टाइल में लंबे समय तक मोबाइल, लैपटॉप और टीवी स्क्रीन पर काम करने की वजह से आंखों पर काफी दबाव पड़ता है. इसका सीधा असर आंखों की रोशनी पर देखने को मिलता है, खासकर युवाओं और बच्चों में यह समस्या तेजी से बढ़ रही है. इसमें आंखों में जलन, थकान, धुंधला दिखना और सिरदर्द जैसी परेशानियां आम हो गई हैं.
बता दें कि नियमित रूप से कुछ सरल योगासनों और नेत्र व्यायामों का अभ्यास करके आंखों की थकान को कम किया जा सकता है और फोकस पावर को बेहतर बनाया जा सकता है. यह न सिर्फ आंखों के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है, बल्कि मानसिक तनाव को भी कम करने में सहायक होता है.
1. पामिंग (Palming) – आंखों को आराम देने के लिए
- अपनी दोनों हथेलियों को आपस में तब तक रगड़ें जब तक कि वे गर्म न हो जाएं.
- अपनी हथेलियों को बंद आंखों के ऊपर इस तरह रखें (कटोरी की तरह) कि पुतलियों पर कोई दबाव न पड़े.
- 30 सेकंड से 1 मिनट तक गहरी सांसें लें और अंधेरे का अनुभव करें.
2. पलकें झपकाना (Blinking) – सूखापन और थकान मिटाने के लिए
- आराम से बैठ जाएं और सामने देखें.
- 1 मिनट तक धीरे-धीरे पलकों को 10-15 बार झपकाएं.
- इसके बाद, 1 मिनट के लिए बहुत तेजी से पलकें झपकाएं.
3. आईबॉल रोटेशन (Eye Rotations) – मांसपेशियों के लचीलेपन के लिए
- अपनी गर्दन को सीधा रखकर बैठें.
- अपनी आंखों की पुतलियों को ऊपर छत की तरफ देखें, फिर धीरे-धीरे क्लॉक-वाइज (घड़ी की दिशा में) गोल घुमाएं.
- इसे 5 बार करें और फिर एंटी-क्लॉक-वाइज (घड़ी की उल्टी दिशा में) 5 बार घुमाएं.
4. ट्रेटाक / टकटकी लगाना (Tratak) – फोकस और स्पष्टता के लिए
- किसी भी वस्तु या मोमबत्ती की लौ को अपने से लगभग 1-2 फीट की दूरी पर आंखों के लेवल पर रखें.
- बिना पलकें झपकाए उस पर 30 से 60 सेकंड तक ध्यान केंद्रित करें.
- जब आंखों में पानी आने लगे, तो आंखें बंद कर लें और आराम करें.
5. भ्रामरी प्राणायाम – मानसिक शांति और नसों के लिए
- सुखासन या पद्मासन में बैठ जाएं.
- अपने अंगूठे से दोनों कानों को बंद करें और तर्जनी (index finger) को माथे पर रखें.
- बाकी अंगुलियों को आंखों के ऊपर हल्के से रखें.
- गहरी सांस लें और सांस छोड़ते हुए भौंरे की तरह ‘ॐ’ की गूंज (गुंजन) करें. इसे 5-7 बार दोहराएं.
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