Gujarat: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को गुजरात के सोमनाथ में आयोजित ‘सोमनाथ अमृत महोत्सव’ सहित कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में हिस्सा लिया. इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने भगवान सोमनाथ मंदिर से जुड़ा एक स्मारक डाक टिकट और स्मारक सिक्का जारी किया. इसके साथ ही उन्होंने विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए सोमनाथ धाम के आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व के बारे में बताया.
पीएम मोदी के संबोधन के मुख्य बिंदु
- इतिहास में कई आक्रांताओं ने सोमनाथ मंदिर पर हमला किया और उसके वैभव को मिटाने की कोशिश की, लेकिन वे कभी सफल नहीं हो सके.
- दुनिया की कोई ताकत भारत को झुका नहीं सकती और न ही किसी दबाव में ला सकती है.
- 11 मई 1998 के पोखरण परमाणु परीक्षण के बाद भारत पर कई तरह के प्रतिबंध लगाए गए थे और दुनिया की आंखें लाल हो गई थीं, लेकिन भारत पीछे नहीं हटा.
- आजादी के समय सरदार वल्लभभाई पटेल ने 500 से ज्यादा रियासतों को जोड़कर देश को एकजुट किया और सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का संकल्प भी पूरा किया.
- आक्रमणकारी सोमनाथ को सिर्फ एक भौतिक ढांचा मानते रहे, इसलिए बार-बार इसे तोड़ा गया. लेकिन हर बार सोमनाथ फिर खड़ा हो गया, क्योंकि तोड़ने वाले भारत की वैचारिक शक्ति को समझ नहीं सके.
- हमारे यहां स्वाभिमान जैसे विषय पर भी राजनीति होती है.
- सोमनाथ भारत की सनातन चेतना और आध्यात्मिक शक्ति की सबसे बड़ी पहचान है.
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