Bhopal: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल में आयोजित ‘मध्यप्रदेश रीजनल एआई इम्पैक्ट कॉन्फ्रेंस–2026’ के अवसर पर रिमोट का बटन दबाकर ‘मध्यप्रदेश स्पेसटेक पॉलिसी-2026’ का शुभारंभ किया. इस दौरान मुख्यमंत्री की उपस्थिति में कई महत्वपूर्ण एमओयू का आदान-प्रदान हुआ, जो प्रदेश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, नवाचार और तकनीकी विकास को नई गति देगा.‘मध्यप्रदेश रीजनल एआई इम्पैक्ट कॉन्फ्रेंस–2026’ के दौरान महत्वपूर्ण एमओयू का आदान-प्रदान हुआ, जो प्रदेश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, नवाचार और तकनीकी विकास को नई गति देगा.
मध्यप्रदेश AI नीति और मिशन भी लॉच करेगा- CM
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम में अपने संबोधन में कहा कि एआई का उपयोग केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए किया जाए, ताकि जनकल्याण, सुशासन और समावेशी विकास को नई मजबूती मिले.आने वाले समय में मध्यप्रदेश AI नीति और मिशन भी लॉच करेगा. उन्होंने कहा कि हमारे लिए यह परम सौभाग्य की बात है कि भगवान श्रीकृष्ण की ज्ञान-भूमि उज्जैन में और जगद्गुरु शंकराचार्य जी की साधना-स्थली ओंकारेश्वर मध्यप्रदेश की पुण्य धरा पर स्थित है.
सीएम ने कौशल रथ को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ‘मध्यप्रदेश रीजनल एआई इंपैक्ट कॉन्फ्रेंस–2026’ के अंतर्गत एआई लिटरेसी मिशन के तहत ‘फ्यूचर स्किल्स फॉर एआई–पावर्ड भारत’ पहल के लिए कौशल रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. ये रथ युवाओं में एआई के प्रति जागरूकता फैलाएगा.
रीजनल एआई इम्पैक्ट समिट एक सराहनीय पहल
मध्यप्रदेश क्षेत्रीय एआई इम्पैक्ट कॉन्फ्रेंस–2026 में अभिषेक सिंह, सीईओ, इंडिया एआई मिशन ने बताया कि केन्द्र सरकार के सहयोग से मध्यप्रदेश के आईटीआई और पॉलीटेक्निक कॉलेजों में मॉडर्न डाटा लैब्स बनाई जा रही हैं. इसके माध्यम से लाखों युवाओं को आधुनिक कौशल सिखाने और रोजगार के लिए तैयार करने हेतु ट्रेनिंग दी जा सकेगी. विजनरी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी के दूरदर्शी नेतृत्व और मार्गदर्शन में रीजनल एआई इम्पैक्ट समिट का भोपाल में व्यापक स्तर पर आयोजन एक सराहनीय पहल है.
रोजगार की संभावानाएं बढ़ेंगी : अधिकारी
अधिकारियों ने बताया कि इस नीति के लागू होने से मध्यप्रदेश अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी (स्पेसटेक) क्षेत्र में एक मजबूत केंद्र बनने की ओर अग्रसर होगा. इस नीति के लागू होने से राज्य अंतरिक्ष उद्योग को आकर्षित करने के लिए विशेष प्रोत्साहन, बुनियादी ढांचे और अनुसंधान सहायता के माध्यम से अपनी रणनीति बना सकेगा. यह नीति उपग्रह निर्माण, भू-स्थानिक विश्लेषण, और डाउन स्ट्रीम अनुप्रयोगों (जैसे कृषि, आपदा प्रबंधन, और शहरी नियोजन) में नवाचार को बढ़ावा देगी, जिससे आर्थिक विकास, रोजगार सृजन और वैश्विक मान्यता प्राप्त होगी.
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