mumbai: स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणित मोरे पिछले कुछ दिनों से विवादों में घिरे हुए हैं स्टैंड-अप शो से जुड़े ‘370 रुपये की बिरयानी’ वाले विवाद को लेकर स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणित मोरे लगातार सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का सामना कर रहे हैं। राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने भी इस मामले पर चिंता जाहिर करते हुए हरियाणा के डीजीपी को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। एनसीडब्ल्यू ने प्रणित मोरे और ‘370 रुपये की बिरयानी’ वाला विवादित बयान देने वाले हिमांशु जांगड़ा को 22 जून को आयोग के समक्ष पेश होने के निर्देश दिए हैं। इस बीच प्रणित मोरे ने भी सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है। प्रणित ने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट शेयर किया है, जिसमें उन्होंने कहा कि वह ‘इस नफरत के हकदार थे।’
370 की बिरयानी वाले विवाद पर प्रणित मोरे ने मांगी माफी
प्रणित मोरे ने एक वोडियो जारी करते हुए इस पूरे विवाद पर माफी मांगी है। प्रणित ने कहा कि ‘हैल्लो, तो बात ये है कि मैं ये बात काफी समय से करना चाह रहा था, लेकिन मेरा इंस्टाग्राम अकाउंट सस्पेंड हो गया था। आप सभी ने मेरा क्राउडवर्क तो देखा होगा, जिसकी वजह से मुझे इतनी नफरत मिल रही है। मुझे लगा कि शायद मैं ये नफरत डिजर्व करता हूं। क्योंकि, जब मैं उस लड़के से साथ क्राउड वर्क कर रहा था, उसने काफी आपत्तिजनक बातें बोली थीं और सभी लोग उस पर हंस रहे थे, तो मैं भी उसके साथ बहक गया। ‘
क्या है विवाद?
‘370 रुपये की बिरयानी’ वाले विवाद की बात करें तो इसकी शुरुआत प्रणित मोरे के स्टैंड-अप कॉमेडी शो से हुई थी। शो के दौरान हिमांशु जांगड़ा नाम के दर्शक ने शो के दैरान बताया कि खाना खाने के बाद महिला ने उन्हें घर छोड़ने के लिए कहा, जिससे उन्हें हैरानी हुई। फिर उन्होंने कहा कि क्योंकि उन्होंने खाने पर 370 रुपये खर्च किए थे, इसलिए उन्हें बदले में “फिजिकल इंटिमेसी” की उम्मीद थी। इस घटना का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा, “मैंने कहा कि 370 रुपये लगे हैं तो उसे वसूल तो करूंगा ही।” और ये पूरा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसे लेकर विवाद खड़ा हो गया।
आयोग ने सात दिनों के भीतर रिपोर्ट मांगी
खबरों और घटना के वीडियो का स्वत संज्ञान लेते हुए आयोग ने कहा कि एनसीडब्ल्यू की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने हरियाणा के डीजीपी को पत्र लिखकर इस मामले में तुरंत, सख्त और समयबद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने सात दिनों के भीतर विस्तृत एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) भी मांगी है। इसमें यह जानकारी शामिल करने को कहा गया है कि क्या इस मामले में भारतीय न्याय संहिता और अन्य संबंधित कानूनों के तहत एफआईआर दर्ज की गई है या नहीं।
पूछा है कि इस घटना में शामिल लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई
इसके साथ ही आयोग ने यह भी पूछा है कि इस घटना में शामिल लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है, वायरल वीडियो की जांच किस स्तर पर पहुंची है और आयोजन से जुड़े आयोजकों, कलाकारों के साथ ही वेन्यू मैनेजमेंट की क्या भूमिका रही है।