Dry fruits : ड्राई फ्रूट्स को अक्सर हेल्दी स्नैक माना जाता है, लेकिन सभी विकल्प एक समान नहीं होते हैं. किम्स हॉस्पिटल की चीफ डाइटिशियन डॉ. अमरीन शेख के अनुसार, जब बात दिल की सेहत और ब्लड प्रेशर कंट्रोल की आती है तो सभी ड्राई फ्रूट्स एक जैसे फायदेमंद नहीं होते. ऐसे में उनको सही मात्रा और प्रोसेसिंग का तरीका उनके स्वास्थ्य लाभों को निर्धारित करता है, इसके साथ ही इन बातों का सीधा असर आपकी सेहत पर पड़ता है. इसलिए, दिल की सेहत के लिए इनका सेवन समझदारी से और सही मात्रा में करना चाहिए.
डायटीशियन शेख के अनुसार, दिल रोगियों को बादाम, अखरोट और पिस्ता जैसे अनसैचुरेटेड फैट, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर नट्स का सेवन करना चाहिए. जो कि कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखते हैं. इसके अलावा, सीमित मात्रा में किशमिश लेने और अंजीर जैसे सूखे फल भी फाइबर और माइक्रोन्यूट्रिएंट्स के अच्छे स्रोत हैं.
प्राप्त जानकारी के अनुसार वे प्रोसेस्ड ड्राई फ्रूट्स से सावधान रहना जरूरी हैं. बहुत ज़्यादा मीठे, चाशनी वाले या नमक वाले सूखे ड्राई फ्रूट्स से बचना चाहिए. ये शरीर में सोडियम और चीनी की मात्रा बढ़ा सकते हैं, जो ब्लड प्रेशर और दिल की सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है. इसलिए हमेशा सादा और बिना प्रोसेस किए हुए ड्राई फ्रूट्स ही खाने चाहिए.
ड्राई फ्रूट्स में नेचुरल शुगर की मात्रा ज्यादा होती है, जो डायबिटीज मरीजों के लिए हानिकारक हो सकती है. खासकर डायबिटीज या शुगर से जुड़ी समस्या वाले लोगों को इन्हें सावधानी से खाना चाहिए. ब्लड शुगर को अचानक बढ़ने से रोकने के लिए ड्राई फ्रूट्स को खाली पेट खाने के बजाय नट्स के साथ या खाने के बाद खाना चाहिए. ऐसे में ब्लड सुगर अचानक नहीं बढ़ता.
मात्रा का ध्यान रखना सबसे जरूरी है. रोजाना एक छोटी मुट्ठी यानी लगभग 5 से 10 नट्स या 1 से 2 चम्मच ड्राई फ्रूट्स खाना पर्याप्त होता है. ज्यादा खाने से शरीर में कैलोरी की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे वजन बढ़ सकता है. और वजन बढ़ना दिल की बीमारियों का एक बड़ा कारण माना जाता है.