Odisha: ओडिशा में भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने अपने कार्यकाल के दो वर्ष सफलता पूर्वक पूर्ण कर लिया है। 12 जून 2024 को मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के नेतृत्व में सत्ता संभालने के बाद सरकार ने महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य, रोजगार, कृषि और आधारभूत ढांचे के क्षेत्र में कई बड़े फैसले लिए हैं। भाजपा के नेता डॉ. मुरली मनोहर शर्मा ने कहा की इन दो वर्षों में राज्य को ‘विकसित ओडिशा-2036’ के लक्ष्य की दिशा में तेजी से आगे बढ़ाने की मजबूत आधारशिला रखी गई है।
डॉ. शर्मा ने बताया कि सरकार ने केवल घोषणाओं तक सीमित रहने के बजाय योजनाओं को धरातल पर उतारने का प्रयास किया है। महिलाओं, किसानों, युवाओं और गरीब परिवारों को केंद्र में रखकर विकास का नया मॉडल तैयार किया गया है।
सुभद्रा योजना से बनी सरकार की पहचान
डा शर्मा ने कहा कि मोहन माझी सरकार की सबसे चर्चित पहल सुभद्रा योजना रही है। योजना के माध्यम से लगभग एक करोड़ महिलाओं को प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई गई है। सरकार का मानना है कि इससे महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ी है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को इस योजना से विशेष लाभ पहुंचा है।
2036 और 2047 के लिए तैयार हुआ रोडमैप
वर्ष 2026-27 के बजट में 16 नई योजनाओं की घोषणा के साथ सरकार ने ‘विजन ओडिशा-2036’ और ‘विजन-2047’ का रोडमैप भी तैयार किया है। राज्य के शताब्दी वर्ष 2036 और विकसित भारत के लक्ष्य 2047 को ध्यान में रखकर दीर्घकालिक विकास की रणनीति बनाई गई है।
दो वर्ष में रखी विकास की मजबूत नींव
पिछले दो वर्षों में सरकार ने सुशासन, जनकल्याण और विकास के क्षेत्र में कई ऐतिहासिक पहलें की हैं। उनके अनुसार सुभद्रा योजना, आयुष्मान भारत, औद्योगिक निवेश, रोजगार सृजन और आधारभूत ढांचे का विस्तार ओडिशा को विकसित राज्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
मोहन माझी सरकार की इन योजनाओं का मूल्यांकन आने वाले वर्षों में रोजगार, आय वृद्धि, औद्योगिक उत्पादन और सामाजिक विकास के आंकड़ों के आधार पर होगा।